झुंझुनूं। चंचलनाथ टीला आश्रम में शेखावाटी के प्रसिद्ध संत एवं पद्मश्री सम्मान से अलंकृत महंत बैजनाथ महाराज के ब्रह्मलीन होने पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पीठाधीश्वर ओमनाथ महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ, जिसमें संत समाज, समाजसेवियों और सर्व समाज के लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
सभा के दौरान भजन-कीर्तन, पुष्पांजलि और दीप प्रज्वलन कर दिवंगत संत को श्रद्धांजलि दी गई तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
पद्मश्री सम्मान से हुए थे सम्मानित
गौरतलब है कि लक्ष्मणगढ़ स्थित श्रद्धानाथ आश्रम के महंत बैजनाथ महाराज को वर्ष 2024 में आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
वर्ष 1935 में जन्मे महंत बैजनाथ महाराज 90 वर्ष की आयु में ब्रह्मलीन हो गए। उनके निधन से नाथ संप्रदाय, संत समाज और पूरे शेखावाटी क्षेत्र में शोक की लहर है।
नाथ संप्रदाय को हुई अपूरणीय क्षति
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए पीठाधीश्वर ओमनाथ महाराज ने कहा कि महंत बैजनाथ महाराज 32 मान धूनी के संत, संस्कृत व्याकरण के प्रकांड विद्वान और अत्यंत सरल व्यक्तित्व के धनी थे।
“महंत बैजनाथ महाराज का संपूर्ण जीवन संत परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और मानवीय मूल्यों को समर्पित रहा। उनके ब्रह्मलीन होने से नाथ संप्रदाय एवं शेखावाटी क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है।”
समाज सेवा और संस्कृत संरक्षण को समर्पित रहा जीवन
संत विचारनाथ महाराज ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि महंत बैजनाथ महाराज ने अपना पूरा जीवन समाज सेवा, गौसेवा, संस्कृत भाषा के संरक्षण और आध्यात्मिक जागरण के लिए समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा और उनके आदर्श समाज को सदैव मार्गदर्शन देते रहेंगे।
विनम्रता और सादगी के लिए थे प्रसिद्ध
सभा में वक्ताओं ने महंत बैजनाथ महाराज के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए कहा कि पद्मश्री जैसे बड़े सम्मान से सम्मानित होने के बावजूद वे सदैव विनम्र, सहज और जमीन से जुड़े रहे।
वक्ताओं ने कहा कि उनका निधन केवल एक संत का नहीं बल्कि एक युग के अवसान के समान है।
बड़ी संख्या में पहुंचे संत और गणमान्य नागरिक
श्रद्धांजलि सभा में संत समाज, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत संत को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
आध्यात्मिक जगत ने खोया एक प्रेरणास्रोत
उपस्थित जनसमूह ने महंत बैजनाथ महाराज को महान संत, विद्वान, समाजसेवी और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के सशक्त प्रतिनिधि के रूप में स्मरण करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
उनके जीवन मूल्यों, सेवा कार्यों और आध्यात्मिक योगदान को शेखावाटी क्षेत्र लंबे समय तक याद रखेगा।





