झुंझुनूं जिला परिषद में शनिवार को राजस्थान पंचायती राज मंत्रालय कर्मचारी संगठन की जिला स्तरीय बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष भवानी सिंह फौजी ने की।
बैठक में कर्मचारियों की लंबित मांगों, विशेष रूप से कैडर रिव्यू के मुद्दे पर चर्चा की गई और चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तय की गई।
कैडर रिव्यू नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी
बैठक में संगठन के संरक्षक हरिराम बुनकर ने कहा कि पंचायती राज विभाग में लंबे समय से कैडर रिव्यू नहीं होने के कारण कर्मचारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की यह मांग पिछले कई वर्षों से लंबित है, लेकिन अब तक किसी भी सरकार ने इस दिशा में ठोस निर्णय नहीं लिया।
1 जून से शुरू होगा आंदोलन
जिला संरक्षक अमीलाल मिल ने बताया कि प्रदेश कार्यकारिणी के निर्देशानुसार आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा।
आंदोलन का कार्यक्रम
- 1 जून : सभी ब्लॉकों में उपखंड अधिकारियों के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन
- 7 जून : जिला स्तर पर जिला कलेक्टर को ज्ञापन
- 10 से 16 जून : आधा दिन पेन डाउन आंदोलन
- 17 जून : ब्लॉक स्तर पर सद्बुद्धि यज्ञ
- 18 जून : जिला स्तर पर सद्बुद्धि यज्ञ
- 19 जून : राज्य स्तर पर सद्बुद्धि यज्ञ
- 25 जून : ब्लॉक कार्यकारिणियों का जयपुर कूच
- 1 जुलाई से : बीजीआरजीवाई (या संबंधित योजना) का पूर्ण बहिष्कार
- 6 जुलाई : जयपुर में मुख्यमंत्री का घेराव
7 जुलाई से महाजल समाधि आंदोलन की चेतावनी
जिला महामंत्री प्रदीप मीणा ने कहा कि यदि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 7 जुलाई से जयपुर के जलमहल पर महाजल समाधि आंदोलन शुरू किया जाएगा।
“कर्मचारियों की मांगों पर वर्षों से निर्णय नहीं होने के कारण अब आंदोलन ही अंतिम विकल्प बचा है।” संगठन पदाधिकारी
नए कार्यकारी जिला अध्यक्ष की नियुक्ति
बैठक के दौरान जिला अध्यक्ष भवानी सिंह फौजी ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पद का कार्यभार संभालने में असमर्थता जताई।
इसके बाद सर्वसम्मति से प्रमोद कुमार चोपड़ा को आगामी निर्णय तक संगठन का कार्यकारी जिला अध्यक्ष मनोनीत किया गया।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में जिले के विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्ष, पदाधिकारी और कर्मचारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।
संगठन ने एक स्वर में मांग की कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान करे, अन्यथा आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।





