अरावली की वादियों में भक्ति का महासंगम, हजारों पदयात्री पहुंचे सकराय धाम
उदयपुरवाटी(कैलाश बबेरवाल)। अरावली की पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित सिद्ध शक्तिपीठ मां शाकंभरी सकराय धाम में महाअष्टमी के अवसर पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला।
चैत्र नवरात्र महोत्सव के तहत यहां हजारों श्रद्धालु और पदयात्री मां के दर्शन के लिए पहुंचे। पूरे क्षेत्र में भक्ति, शक्ति और सेवा का अनूठा संगम नजर आया।
कोटबांध पर पदयात्रियों का स्वागत
महाअष्टमी की अलसुबह से ही उदयपुरवाटी से सकराय धाम की ओर बढ़ते पदयात्रियों के जत्थों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।
कोटबांध पर सेवा समिति द्वारा विशेष जलपान व्यवस्था की गई, जहां सेवादारों ने श्रद्धालुओं का स्वागत पूरे समर्पण भाव से किया।
समिति के संदीप रामुका ने बताया कि
“सेवादार पूरी श्रद्धा से भक्तों की सेवा कर रहे हैं, मानो स्वयं मैया की सेवा कर रहे हों।”
विदेशों तक पहुंची धाम की ख्याति
इस वर्ष सकराय धाम की प्रसिद्धि देश की सीमाओं को पार कर विदेशों तक पहुंच गई है।
मंदिर परिसर में विदेशी श्रद्धालुओं का भी तांता लगा रहा, जो मां के चरणों में धोक लगाने और जात-जडूला करने पहुंचे।
मंत्रोच्चार से गूंजा मंदिर परिसर
मंदिर के गर्भगृह से लेकर पूरे परिसर तक वैदिक मंत्रों और शतचंडी पाठ की गूंज ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
चौमू के प्रतिक शर्मा और पुणे के विष्णु शर्मा सहित कई सदस्य व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में जुटे रहे।
सिरा-पूड़ी का भोग, महंत का आशीर्वाद
मंदिर महंत दयानाथ महाराज के सानिध्य में प्रतिदिन मां को सिरा-पूड़ी और ताजे फलों का भोग लगाया जा रहा है।
भक्तों के सहयोग से चल रहे इस आयोजन ने सामूहिक श्रद्धा और सेवा का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है।
