श्री राधेश्याम आर मोरारका राजकीय महाविद्यालय में छात्र संगठन SFI (स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) द्वारा शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का शहादत दिवस मनाया गया। इस दौरान छात्रों ने क्रांतिकारियों को याद करते हुए उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
भगत सिंह को बताया क्रांति की मशाल
तहसील महासचिव अमित शेखावत ने प्रेस नोट जारी करते हुए कहा कि भगत सिंह केवल एक शहीद नहीं थे, बल्कि वे क्रांति की जलती मशाल थे। उनके बलिदान ने पूरे देश में आजादी की भावना को प्रज्वलित किया था।
उन्होंने भगत सिंह के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा, “वे मेरे शरीर को मार सकते हैं, लेकिन मेरे विचारों को नहीं मार सकते। मेरे क्रांतिकारी विचार भारत के हर युवक के दिल में जिंदा रहेंगे।” उन्होंने कहा कि यह विचार आज भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं।
संघर्षों की किताब बांटी, नारेबाजी भी हुई
कार्यक्रम के दौरान SFI की ओर से संघर्षों से जुड़ी किताबें भी वितरित की गईं। इसके साथ ही छात्रों ने नारेबाजी करते हुए शहीदों को याद किया और दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
छात्र नेताओं की रही भागीदारी
इस अवसर पर छात्रसंघ अध्यक्ष कपिल चोपड़ा, तहसील चिड़ावा प्रभारी आकाश धनकर, कमेटी अध्यक्ष पिंटू सैनी, तहसील सचिव विशाल शर्मा, मलसीसर अध्यक्ष सोयब खान सहित कई छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम में ऋषभ शर्मा, अंकुश सितसर, अंकित अंगसर, शिवानी, खुशी, गुनगुन सहनोलिया, प्रियंका और मनीष बुढ़ाना सहित अन्य छात्रों ने भी भाग लिया।
