उदयपुरवाटी। कस्बे के निकटवर्ती गिरधरपुरा शाहपुरा ग्राम पंचायत में शनिवार को धार्मिक आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां सात दिवसीय श्रीराम कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ किया गया। कथा आयोजन को लेकर गांव में उत्साह का माहौल रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
महिलाओं ने निकाली विशाल कलश यात्रा
कथा के शुभारंभ अवसर पर ठाकुर जी के मंदिर से महिलाओं द्वारा विशाल कलश यात्रा निकाली गई। सिर पर मंगल कलश धारण किए महिलाएं भजन-कीर्तन और मंगल गीत गाते हुए आगे बढ़ीं।
कलश यात्रा ठाकुर जी मंदिर से शुरू होकर शिशुवाला बालाजी मंदिर पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ कलश स्थापना की गई। इसके बाद सात दिवसीय श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ।
प्रतिदिन होगा श्रीराम कथा का रसपान
शिशुवाला बालाजी मंदिर परिसर में आयोजित कथा में सुप्रसिद्ध कथावाचक यशोदानंदन ठाकुर महाराज श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र और आदर्शों का वर्णन करेंगे।
कथा प्रतिदिन दोपहर 12:15 बजे से सायं 4:15 बजे तक आयोजित होगी। आयोजन समिति के अनुसार कथा का समापन 7 जून को भव्य हवन एवं महाप्रसाद (भंडारे) के साथ होगा।
भक्ति के बिना मोक्ष संभव नहीं: महेंद्र सैनी
कार्यक्रम में मौजूद ग्राम पंचायत सरपंच महेंद्र सैनी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य भौतिकता की दौड़ में उलझकर आध्यात्मिक मूल्यों से दूर होता जा रहा है।
उन्होंने कहा,
“यदि मनुष्य को जीवन रूपी भवसागर पार करना है तो उसे भगवान की भक्ति का सहारा लेना होगा। सच्ची हरिभक्ति और प्रभु स्मरण के बिना मोक्ष प्राप्त करना संभव नहीं है।”
सरपंच सैनी ने कहा कि जो व्यक्ति ईश्वर की शरण में रहता है, उसके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।
सैकड़ों श्रद्धालु रहे मौजूद
धार्मिक आयोजन में महिलाओं और पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान पंचायत समिति सदस्य बाबूलाल शर्मा सहित क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु मौजूद रहे।
कार्यक्रम में मदन सिंह शेखावत, महावीर सिंह शेखावत, पवन सैनी, बाबूलाल सैनी, बनवारी लाल सैनी, किशोर सिंह, दौलत सिंह, पवन सिंह, शिवपाल सैनी, बाबूलाल वर्मा, रंगलाल सेन और दशरथ सिंह सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
धार्मिक माहौल से गूंजा पूरा क्षेत्र
भजन-कीर्तन, कलश यात्रा और श्रद्धालुओं की आस्था ने गिरधरपुरा शाहपुरा को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। कथा के पहले दिन ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष बना दिया।





