बगड़ (झुंझुनूं)। ज्योति माहेश्वरी फाउंडेशन द्वारा संचालित शिवओंकार माहेश्वरी तकनीकी संस्थान (SMTI) ने छात्राओं को तकनीकी शिक्षा की ओर प्रोत्साहित करने के लिए विशेष छात्रवृत्ति योजना शुरू की है। प्रवेश सत्र 2026-27 से आईटीआई पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को 50 प्रतिशत छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
संस्थान का उद्देश्य तकनीकी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और उन्हें रोजगारोन्मुखी शिक्षा से जोड़ना है।
छात्राओं को मिलेगा 50 प्रतिशत शुल्क लाभ
एसएमटीआई के सीईओ विकास खटोड़ ने बताया कि संस्थान में महिला प्रशिक्षणार्थियों की मांग लगातार बढ़ रही है।
उद्योगों और विभिन्न कंपनियों में महिला अभ्यर्थियों की बढ़ती मांग को देखते हुए ज्योति माहेश्वरी फाउंडेशन ने यह विशेष छात्रवृत्ति योजना शुरू करने का निर्णय लिया है।
इस योजना के तहत आईटीआई पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को प्रशिक्षण शुल्क में 50 प्रतिशत तक की राहत मिलेगी।
बीपीएल और पितृविहीन विद्यार्थियों को भी मिलेगा लाभ
संस्थान ने केवल छात्राओं के लिए ही नहीं बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए भी विशेष प्रावधान किए हैं।
फाउंडेशन की ओर से बीपीएल परिवारों और पितृविहीन छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण शुल्क में 20 प्रतिशत तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
इससे जरूरतमंद विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक सहायता मिलेगी।
छात्रवृत्ति योजना का हुआ विमोचन
छात्राओं के लिए विशेष छात्रवृत्ति योजना का विमोचन पीरामल गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बगड़ की प्रधानाचार्या उमा पुरोहित, केएमपीसी फार्मेसी कॉलेज की प्रोफेसर मोनिका, आईटीआई अनुदेशिका अल्का सैनी और प्रियंका द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने इस पहल को महिला शिक्षा और कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
रोजगारोन्मुखी शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
संस्थान प्रबंधन के अनुसार यह योजना महिलाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगी।
“शिक्षा, कौशल और अवसर – हर विद्यार्थी का अधिकार” इसी उद्देश्य के साथ यह योजना शुरू की गई है।
संस्थान का मानना है कि यह पहल आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर आईटीओटी प्राचार्य कुम्भाराम, फार्मेसी कॉलेज प्राचार्य डॉ. विवेक कौशिक, आईटीआई अधीक्षक ओमप्रकाश शर्मा, नवीन सैनी, बाबूलाल सैनी तथा संस्थान के अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
महिलाओं की तकनीकी शिक्षा में नई पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में छात्राओं को तकनीकी शिक्षा के लिए प्रोत्साहन देने वाली ऐसी योजनाएं भविष्य में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा कर सकती हैं।
यह पहल झुंझुनूं जिले में महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





