सूरजगढ़। क्षेत्र में लंबे समय से रोडवेज बस सेवाओं की कमी को लेकर अब लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। पूर्व भाजयुमो अध्यक्ष राहुल जेदिया के नेतृत्व में क्षेत्रवासियों के प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान सरकार के उप मुख्यमंत्री एवं परिवहन विभाग प्रभारी डॉ. प्रेमचंद बैरवा को ज्ञापन सौंपकर नई रोडवेज सेवाएं शुरू करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि सूरजगढ़, बुहाना और आसपास के गांवों में हजारों लोग परिवहन सुविधाओं के अभाव से परेशान हैं।
शाम 7 बजे बाद थम जाता है सफर
ज्ञापन में कहा गया कि शाम करीब 7 बजे के बाद बस सुविधा लगभग बंद हो जाती है, जिससे विद्यार्थियों, महिलाओं, बुजुर्गों, मरीजों और नौकरीपेशा लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि रात के समय सार्वजनिक परिवहन नहीं होने से लोगों को निजी और महंगे साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
दिल्ली रूट पर सूरजगढ़ की अनदेखी का आरोप
राहुल जेदिया ने आरोप लगाया कि वर्तमान में झुंझुनूं से दिल्ली के लिए 25 से 30 रोडवेज बसें संचालित हो रही हैं, लेकिन इनमें से कोई भी बस सूरजगढ़ होकर नहीं गुजरती।
उन्होंने कहा कि झुंझुनूं-दिल्ली वाया सूरजगढ़ मार्ग और मौजूदा रूट में केवल करीब 4 किलोमीटर का अंतर है, बावजूद इसके क्षेत्र की लगातार अनदेखी की जा रही है।
इन नए रोडवेज रूटों की मांग
ज्ञापन में कई नए रोडवेज रूट शुरू करने की मांग रखी गई है। इनमें प्रमुख रूप से
- झुंझुनूं-दिल्ली वाया चिड़ावा-सूरजगढ़-बुहाना-पचेरी-नारनौल
- चूरू-दिल्ली वाया सूरजगढ़-बुहाना-नारनौल
- लाडनूं-दिल्ली वाया झुंझुनूं-सूरजगढ़-बुहाना
- झुंझुनूं-दिल्ली वाया सूरजगढ़-लोहारू-भिवानी-रोहतक
- राजगढ़-खेतड़ी वाया पिलानी-सूरजगढ़-बुहाना-सिंघाना
- झुंझुनूं-महेंद्रगढ़ वाया चिड़ावा-सूरजगढ़-बुहाना
रूट शामिल हैं।
रात्रिकालीन बस सेवा की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने सभी प्रमुख रूटों पर शाम और रात्रिकालीन रोडवेज सेवा शुरू करने की मांग भी उठाई।
लोगों का कहना है कि रात के समय बस सुविधा नहीं होने से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, विद्यार्थियों और मरीजों को होती है।
आंदोलन की चेतावनी
राहुल जेदिया ने कहा कि यह केवल बस सेवा का मुद्दा नहीं बल्कि जनहित से जुड़ा बड़ा विषय है।
उन्होंने बताया कि जल्द ही क्षेत्र में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा और आमजन के समर्थन के साथ परिवहन विभाग को दोबारा ज्ञापन सौंपा जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्रवासी बड़ा आंदोलन भी कर सकते हैं।
इस दौरान सचिन, निखिल, कपिल और सुरेंद्र सहित कई लोग मौजूद रहे।





