सूरजगढ़ के प्रख्यात लेखक एवं आदर्श समाज समिति इंडिया के अध्यक्ष धर्मपाल गाँधी की नई ऐतिहासिक पुस्तक “स्वाधीनता की दास्तान” आगामी 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर प्रकाशित की जाएगी।
पुस्तक का विमोचन अंकुर प्रकाशन, नोएडा द्वारा आयोजित भव्य समारोह में किया जाएगा, जिसमें देशभर से लेखक, कवि, पत्रकार और साहित्यकार भाग लेंगे।
समारोह में कई प्रमुख लोग होंगे शामिल
पुस्तक प्रकाशन कार्यक्रम में शिक्षाविद् एवं समाजसेवी मनजीत सिंह तंवर, काजड़ा सरपंच मंजू तंवर, सुनील गाँधी, उप सरपंच राकेश कुमार, संपादक अंजू गाँधी और युवा कार्यकर्ता दरिया सिंह डीके सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे।
स्वतंत्रता संग्राम का ऐतिहासिक दस्तावेज
“स्वाधीनता की दास्तान” भारतीय स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक कृति है। पुस्तक में महात्मा गाँधी के नेतृत्व में चले राष्ट्रीय आंदोलन और आज़ादी की लड़ाई को शोध आधारित तथ्यों के साथ विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।
लेखक ने स्वतंत्रता आंदोलन के विभिन्न पहलुओं को गंभीरता और प्रामाणिकता के साथ पुस्तक में शामिल किया है।
सामाजिक बदलावों का भी उल्लेख
यह पुस्तक केवल आज़ादी की कहानी तक सीमित नहीं है, बल्कि उस दौर के सामाजिक परिवर्तन और जनजागरण का भी जीवंत चित्रण करती है।
पुस्तक में किसानों, मजदूरों, दलितों, वंचितों और शोषित वर्गों के लिए किए गए आंदोलनों का विशेष उल्लेख किया गया है। साथ ही शिक्षा, स्वच्छता, गौ-सेवा, हिन्दू-मुस्लिम एकता, महिला उत्थान और छुआछूत उन्मूलन जैसे विषयों को भी विस्तार से शामिल किया गया है।
स्वतंत्रता संग्राम पर धर्मपाल गाँधी की छठी पुस्तक
“स्वाधीनता की दास्तान” स्वतंत्रता संग्राम विषय पर लेखक धर्मपाल गाँधी की छठी पुस्तक है। इसका संपादन अंजू गाँधी द्वारा किया जा रहा है।
इससे पहले उनकी चर्चित पुस्तकें “हिन्द की क्रांतिकारी बेटियाँ”, “आजादी के दीवाने”, “क्रांति का आग़ाज़”, “आजादी की राहों में” और “इन्कलाब” प्रकाशित हो चुकी हैं, जिन्हें पाठकों ने काफी सराहा।
इतिहास से जोड़ने का प्रयास
धर्मपाल गाँधी लंबे समय से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और गुमनाम नायकों पर शोध कार्य कर रहे हैं। वे अपनी लेखनी के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन के वास्तविक इतिहास और अनसुने बलिदानों को समाज के सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं।
लेखक की यह नई पुस्तक नई पीढ़ी को इतिहास से जुड़ने और स्वतंत्रता आंदोलन को समझने की प्रेरणा देगी।
‘भावांजलि’ पुस्तक भी होगी प्रकाशित
हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर साहित्यकार धर्मपाल गाँधी की एक और साझा काव्य पुस्तक “भावांजलि” भी प्रकाशित की जाएगी।





