25 फरवरी को दो बड़ी पदयात्राएं, श्याम भजनों से गूंजा कस्बा
उदयपुरवाटी कैलाश बबेरवाल। मां शाकंभरी माता मंदिर की पावन धरा इन दिनों ‘लखदातार’ के रंग में रंगी हुई है।
चारों ओर लहराते रंग-बिरंगे निशान, डीजे पर बजते श्याम भजन और ‘हारे के सहारे’ के जयकारों से पूरा कस्बा भक्तिमय हो उठा है।
25 फरवरी को दो बड़ी पदयात्राएं
25 फरवरी को उदयपुरवाटी से दो बड़ी निशान पदयात्राएं खाटू श्याम मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगी।
विगत तीन दिनों से हरियाणा और शेखावाटी क्षेत्र के भिवानी, हिसार, पिलानी सहित विभिन्न इलाकों से भक्तों का तांता लगा हुआ है।
नाचते-गाते श्रद्धालु, सिर पर सिगड़ी रखकर भजन गाती महिलाएं और ढोल-नगाड़ों की धुन ने माहौल को लघु खाटू में बदल दिया है।
रात्रि पूजन के बाद प्रस्थान
कस्बे से श्री श्याम भक्त मंडल की पदयात्रा रात्रि पूजन के बाद रवाना होगी।
यात्रा संयोजक सुभाष हरलालका के अनुसार मंगलवार रात 9 बजे श्याम मंदिर में विधिवत निशान पूजन किया जाएगा। पूजन के बाद भक्त निशान लेकर बाबा के दर की ओर प्रस्थान करेंगे। यात्रा में शामिल होने के लिए पंजीकरण अनिवार्य रखा गया है।
सांवरिया सेठ मंदिर से सुबह प्रस्थान
दूसरी पदयात्रा बुधवार सुबह 10:15 बजे सांवरिया सेठ मंदिर से रवाना होगी।
समिति सदस्य दिनेश सैनी के अनुसार मंगलवार रात मुख्य बाजार स्थित एसबीआई के सामने मंदिर परिसर में भव्य कीर्तन और निशान पूजन होगा। श्रद्धालु देर शाम तक पंजीकरण करवा सकते हैं।
‘लीले के असवार’ के जयघोष से गूंजेगा आकाश
भक्तों का कहना है कि मां शाकंभरी की इस पावन धरा से जब निशान लेकर पदयात्रा निकलती है, तो शक्ति और भक्ति का अद्भुत संगम दिखाई देता है।
नंगे पैर पैदल चलकर बाबा के दर पर हाजिरी लगाने की श्रद्धालुओं की तड़प ही इस आस्था यात्रा की सबसे बड़ी ताकत है।
