भक्ति का सैलाब, हाथ में निशान, मुख पर बाबा का नाम-यही है भक्तों की असली पहचान
उदयपुरवाटी। कैलाश बबेरवाल, कस्बे के एसबीआई बैंक के सामने श्री सांवरिया सेठ संस्थान से भव्य बाबा श्याम की विशाल निशान पदयात्रा शुरू हुई। बाबा श्याम की निशान पदयात्रा में आए श्रद्धालुओं ने बताया कि जब मन में अटूट विश्वास तथा हाथों में बाबा का श्याम निशान हो, तो मंजिल की दूरी कोई मायने नहीं रखती। कुछ ऐसा ही नजारा उदयपुरवाटी में देखने को मिला, जहाँ श्री सांवरिया सेठ संस्थान की ओर से आयोजित विशाल निशान पदयात्रा ने कस्बे को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। पदयात्रा बुधवार सुबह 11 बजे सांवरिया सेठ मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद जत्था रवाना हुआ। केसरिया एवं नीले निशानों से सजी यह यात्रा जब सड़कों से गुजरी, तो मानों पूरा कस्बा ‘खाटू की ओर’ चल पड़ा हो। डीजे पर बजते भक्ति गीतों पर नाचते-गाते श्रद्धालुओं के उत्साह के आगे गर्मी और थकान बेअसर नजर आई।
छारा में सजी भजनों की महफिल, भामाशाहों का हुआ अभिनंदन
आयोजक समिति के सचिव दिनेश सैनी (बालाजी प्रेस) ने बताया कि यात्रा का पहला पड़ाव छारा में संपन्न हुआ। यहाँ की रात बाबा के नाम रही, जहाँ देर रात तक भजन-कीर्तन की अमृत वर्षा हुई। इसी दौरान भामाशाहों का सम्मान कर उनकी सेवा भावना को सराहा गया। गुरुवार सुबह होते ही बाबा का यह कारवां अपने अगले पड़ाव मंढ़ा मोड़ की ओर बढ़ चला।
ग्यारस की पुण्य वेला में होगा ध्वज अर्पण
भक्तों का यह जत्था शुक्रवार को पावन ‘ग्यारस’ के अवसर पर खाटूधाम पहुंचेगा। वहां मुख्य मंदिर में मत्था टेकने के बाद विधि-विधान से बाबा श्याम को निशान अर्पित किए जाएंगे। इस धार्मिक अनुष्ठान में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यात्रा में दिनेश कुमार सैनी, केशर देव सैनी, बजरंग लाल सैनी, सुरेश कुमार सैनी, कालूराम सैनी, सुभाष सतरावला, बीरबल मिस्त्री, ताराचंद सैनी, ताराचंद मिस्त्री, शिवपाल, जीतराम सैनी, राज योगी, भोलाराम सैनी, शंकर लाल छिंपा, सुमन योगी, सरोज कुमावत, राधा, पूनम, सरीता, सुशीला देवी, भागोती, ग्यारसी देवी, कृष्णा कुमारी, मनीषा सहित सैकड़ों महिला व पुरुष श्रद्धालु पदयात्रा में मौजूद रहे।
