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Jhunjhunu News : उदयपुरवाटी में राज होलिका दहन, गींदड़ में उमड़ा उत्साह

Udaipurwati Raj Holika Dahan ceremony at midnight

भद्रा के साये में पूंछ काल में दहन, गींदड़ कलाकारों का भव्य सम्मान
उदयपुरवाटी कैलाश बबेरवाल। शेखावाटी अंचल में होली का पर्व अपनी अनूठी परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। इस वर्ष भी क्षेत्र में हर्षोल्लास और पारंपरिक गरिमा के साथ होली मनाई गई।

शहर के बस स्टैंड स्थित ऐतिहासिक ‘राज होली’ का दहन रियासतकालीन परंपरा के अनुसार प्रशासनिक अधिकारी द्वारा संपन्न कराया गया।


भद्रा के साये में आधी रात दहन

भद्राकाल की बाधा को ध्यान में रखते हुए शास्त्रोक्त विधि से रात 1:30 बजे (पूंछ काल) में होलिका दहन किया गया।

तहसीलदार जे. आर. कूड़ी ने राज पंडित ओमप्रकाश शर्मा और राजेंद्र पुरोहित के सान्निध्य में पूजा-अर्चना कर देश व क्षेत्र में खुशहाली की कामना की।

इसके बाद चंग की थाप पर धमाल के बीच प्रहलाद भगत को बाहर निकालकर दहन की रस्म पूरी की गई।


गींदड़ प्रतियोगिता में दिखा लोक रंग

होली के अवसर पर लोक संस्कृति की रंगत भी देखने को मिली।

नगर पालिका के सौजन्य से ‘पांच बत्ती’ के पास आयोजित गींदड़ प्रतियोगिता का सोमवार रात भव्य समापन हुआ। कलाकारों ने स्वांग रचकर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए, जिससे दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।


उत्कृष्ट कलाकार हुए सम्मानित

समापन समारोह में तहसीलदार जे. आर. कूड़ी, थानाधिकारी रामपाल मीणा, पूर्व पार्षद शिव प्रसाद चेजारा और किन्नर समाज की जिलाध्यक्ष सनम बाई बतौर अतिथि मौजूद रहे।

मंच से उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विश्वनाथ छींपी, सुशील कुमार, राजेंद्र कुमार, मधु राजस्थानी, हरजीराम सहित दो दर्जन से अधिक कलाकारों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों प्रबुद्ध नागरिक व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।


आजादी पूर्व की परंपरा आज भी जीवंत

उदयपुरवाटी में राज होलिका दहन की परंपरा आजादी से पूर्व से चली आ रही है। प्रशासनिक अधिकारी द्वारा दहन कराना इस ऐतिहासिक परंपरा की विशेष पहचान है।