Pulwama attack: 14 फरवरी को पुलवामा अटैक हुआ था और इस अटैक ने पूरे देश को दहला दिया था। 14 फरवरी की तारीख में कई हंसते खेलते परिवारों के जीवन में दुख भर दिया था। 14 फरवरी का दिन यूपी के महाराजगंज के त्रिपाठी फैमिली के लिए कल दिन साबित हुआ और इस दिन ही उनका हस्ता खेलता परिवार उजड़ गया।
पुलवामा अटैक में उजाड़ दिया था पंकज त्रिपाठी का परिवार
आज पुलवामा अटैक के 7 साल पूरे हो चुके हैं और आज के दिन ही 40 वीर जवान इस कायराना अटैक में मारे गए थे। इस परिवार के बीट कांस्टेबल पंकज त्रिपाठी इस हमले में शहीद हो गए थे। जब पंकज त्रिपाठी तिरंगे में लिप्त घर आए थे तब उनकी पत्नी प्रेग्नेंट थी और 3 साल का एक बेटा था। उनके बूढ़े मां-बाप उन्हें तिरंगा में लिप्त देख यह दुख सह नहीं पाए और बेटे के जाने के गम में उनके मां ने प्राण त्याग दिया था।
आज भी भूला नहीं है परिवार वह हादसा
पंकज त्रिपाठी के छोटे भाई शुभम त्रिपाठी ने बताया कि घर में सबको गर्व है कि उनका भाई देश के लिए शहीद हो गया। हमारे भाई पंकज बचपन से ही फौज में जाना चाहते थे और वह फौज में भर्ती भी हुए। वह घर की सबसे जिम्मेदार व्यक्ति थे।
आज भी बच्चे समझते हैं ड्यूटी पर है पिता
पंकज का बेटा 10 साल का हो चुका है और उनकी बेटी भी अब 7 साल की हो चुकी है। उनके दोनों बच्चे फौज में जाना चाहते हैं और बच्चों को आज भी लगता है कि पापा ड्यूटी पर है। पंकज के परिवार का दुख सुनके लोग आज भी अपने आंसू नहीं रोक पाते है।
