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1 रुपये के सिक्के से लेकर 500 रुपये के नए नोट तक, करेंसी बनाने में सरकार को आता है कितना खर्चा, समझिए इसका पूरा गणित

आज के समय में महंगाई बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में कभी आपने सोचा है कि सरकार जो पैसा बनाती है उसमे कितना खर्च होता है। 1 रूपये के सिक्के से लेकर 500 रुपये के नोट तक सरकार को कितना खर्चा करना पड़ता है। अगर आप इस बारे में नहीं जानते है तो आपको इस आर्टिकल में सब कुछ डिटेल में पता चलेगा। बता दे कि डिजिटल ट्रांजैक्शन और महंगाई के जमाने में ₹1 का सिक्का भले ही मामूली लगे, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इस सिक्के को बनाने के लिए इसके वेल्यू से ज्यादा खर्च होता है।

₹1 का सिक्का कैसे बनता है

₹1 का सिक्का बनाने के लिए काफी मेहनत लगती है। बता दे कि इसे बनाने के लिए स्टेनलेस स्टील से बनता है। इसका डायमीटर 21.93 मिमी, मोटाई 1.45 मिमी और वजन 3.76 ग्राम होता है। हैरानी कि बात ये है कि इससे बड़ा नोट बनाने में पैसा काम खर्च करना पड़ता है। उदाहरण के लिए समझाएं तो ₹2 का सिक्का ₹1.28 में, ₹5 का सिक्का ₹3.69 में और ₹10 का सिक्का ₹5.54 में बनता है।

कहाँ तैयार होते है ये सिक्के

जानकारी के अनुसार बता दे कि इन्हें मुंबई और हैदराबाद स्थित गवर्नमेंट मिंट में तैयार किया जाता है। वहीँ जो डाटा इन सिक्कों के लागत का बताया जा रहा है वह 7 साल पुराना है। अब अनुमान लगाया जा रहा है कि इनकी लागत और अधिक महंगाई के चलते लागत और बढ़ गई होगी।

सिक्के बनाने की लागत

सिक्कों का मूल्य बनाने की लागत
₹1 ₹1.11
₹2 ₹1.28
₹5 ₹3.69
₹10 ₹5.54

भरत में नोट छापने पर कितना आता है खर्च ?

आपको जानकारी के लिए बता दे कि सिक्के के मुकाबले नोट छापने में कम खर्च आता है। सिक्के तो भारत सरकार बनाती है, लेकिन ₹2 से लेकर ₹500 तक के नोट छापने की जिम्मेदारी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की है।

इसके लिए RBI अपनी सहायक कंपनी ‘भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड’ के जरिए दो करेंसी प्रेस चलाता है।

₹10 ₹0.96
₹100 ₹1.77
₹200 ₹2.37
₹500 ₹2.29
₹2000 ₹4
हालाकिं अब 2 हजार का नोट बंद कर दिया गया है इसलिए इसकी छपाई नहीं कि जाती।

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