Haryana News : हरियाणा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। बता दे की पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार में लगे शिक्षकों की नौकरी पर अब तलवार लटक रही है। जानकारी के लिए बता दे की लगभग 14 साल पहले शिक्षक बनने के बाद अब फिर से परीक्षार्थी बनना पड़ेगा, अगर ऐसा नहीं हुआ तो इन शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडरा जाएगा। हरियाणा सरकार की तरफ से आदेश जारी कर दिए है कि इन प्राथमिक टीचरों को पहले हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी एचटेट को पास करना होगा।
HTET पास करना जरूरी
अगर कोई टीचर एचटेट की परीक्षा पास नहीं कर पाया तो उनको नौकरी से बाहर होने का खतरा बढ़ जाएगा हरियाणा सरकार ने यह आदेश विज्ञापन संख्या 2/2012 के तहत अनुभव के आधार पर लगे प्राथमिक शिक्षकों को लेकर जारी किया गया है। अब इन टीचरों को अगले साल मार्च तक हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) पास करनी होगी। जो टीचर पात्रता परीक्षा को पास कर लेते है तो उनकी नौकरी बच जाएगी, अगर उन्होंने पास नहीं किया तो उन शिक्षकों की सेवाओं को सरकार की तरफ से खत्म किया जा सकता है।Haryana News
शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी
हरियाणा मौलिक शिक्षा महानिदेशक की ओर से इस संबंध में सभी जिलों के मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। विज्ञापन संख्या 2/2012 में उल्लिखित शर्त के अनुसार चार वर्ष के शिक्षण अनुभव के आधार पर लगे करीब चार हजार प्राथमिक शिक्षकों को एक अप्रैल 2015 तक एचटेट पास करना आवश्यक था। इसके बावजूद निर्धारित समयावधि में एचटेट पास नहीं कर सके शिक्षकों को राहत देते हुए 27 अप्रैल 2017 को नया आदेश जारी किया गया।Haryana News
इसमें सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे ऐसे शिक्षकों के नियुक्ति पत्रों में यह शर्त शामिल करें कि उन्हें भविष्य में एचटेट उत्तीर्ण करना होगा। अप्रैल 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इन प्राथमिक शिक्षकों को राहत देते हुए आदेश जारी कर दिए थे कि अब इन्हें भविष्य में एचटेट और बीएड करने की जरूरत नहीं होगी और वे आगे सेवा में बने रहेंगे।Haryana News
SC का ऐतिहासिक फैसला
वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल एक सितंबर को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कक्षा पहली से आठवीं तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य कर दी है। यह नियम उन सभी शिक्षकों पर लागू होगा जो 2011 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) एक्ट लागू होने के बाद नियुक्त हुए हैं।
