Shambhavi Pathak : महाराष्ट्र के बारामती में हुए प्लेन क्रैश में डिप्टी सीएम अजित पवार के साथ ही पांच और लोगों की मृत्यु हो गई। इनमें से एक पायलट शांभवी पाठक भी थी।शांभवी पाठक दिल्ली के सफदरगंज इलाके की रहने वाली थी और उनके अचानक चले जाना उनके परिवार को एक गहरा सदमा दे गया है।
हमेशा हस्ती खिलखिलाते रहने वाली लड़की शाम हुई अब बस यादों में सिमट के रह गई है। शांभवी के घर में सन्नाटा पसरा हुआ है और उनकी मां का रो-रो कर बुरा हाल है । उनकी दादी बार-बार उन्हें याद कर रही है।

शादी के लिए लड़का देख रही थी मां
शांभवी पाठक के शादी के लिए उनकी मां लड़का देख रही थी। शांभवी की मां कभी नहीं जानती थी कि अचानक से उनकी बेटी उन्हें अलविदा कहकर चली जाएगी। शांभवी की मां का कहना था कि वह अपनी बेटी को जल्द से जल्द दुल्हन बनते देखना चाहती थी लेकिन अपनी मासूम सी बेटी को कफ़न में देखकर उनका दिल टूट गया।

भाई ने दी मुखाग्नि
शांभवी पाठक का 22 साल का एक भाई है जो इंडियन नेवी में है। उनके भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी जिसे देखकर हर कोई फफक कर रो पड़ा। शांभवी कैसे चले जाना सबको एक गहरे सदमे में डाल दिया है। शांभवी पाठक हमेशा हस्ती खिलखिलाती रहती थी और सबसे बड़े ही प्यार से बात करती थी। उनके घर के आसपास के लोग और उनके सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कि वह कभी किसी से बदतमीजी से बात नहीं करती थी और सबके साथ मिलनसार व्यवहार रखनी थी।
