Archive notice This article was published on 29 January 2026 and reflects conditions at the time of publication. Information, figures, and context may have changed since.

Rule Change: चंद दिनों में जनवरी का महीना खत्म होने वाला है। फरवरी का महीना शुरू होते ही कई नियमों में बदलाव देखने को मिलेगा। फरवरी के महीने में फास्ट टैग, जमीन की रजिस्ट्री, बैंकिंग और वेरिफिकेशन से जुड़े नियमों में बदलाव देखने को मिलेगा जिसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। आपको नए नियमों के बारे में जानना चाहिए वरना आपकी परेशानियां बढ़ सकती है।

 

 फास्टटैग से जुड़े नियमों में होगा बदलाव 

 नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के द्वारा फास्ट टैग से जुड़े नियमों में 1 फरवरी से बदलाव किया जाएगा और केवाईसी की प्रक्रिया को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा। 1 फरवरी से फास्ट टैग एक्टिव होने के बाद किसी भी तरह की केवाईसी वेरीफिकेशन नहीं किया जाएगा।

 

 पुराने फास्टटैग धारकों को होगा फायदा 

 

 जिन गाड़ियों में फास्ट टैग लगा हुआ है उन्हें किसी तरह की रूटीन केवाईसी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। जब तक टैग के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं होती है तब तक यूजर को किसी भी तरह के वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे फास्ट टैग धारकों को फायदा होगा।

 

 जमीन रजिस्ट्री के नियमों में होगा बदलाव 

 

 1 फरवरी से जमीन और प्रॉपर्टी की खरीद फरोख्त के नियमों में बदलाव होगा। अब जमीन खरीदने के लिए आधार वेरिफिकेशन जरूरी हो जाएगा। अब जमीन खरीदने के समय सिर्फ खरीदार और विक्रेता ही नहीं बल्कि गवाहों का भी आधार वेरिफिकेशन किया जाएगा।

 

फेस ऑथेंटिकेशन और ओटीपी की सुविधा 

 

 1 फरवरी से आधार वेरिफिकेशन के लिए फेस और ऑथेंटिकेशन और ओटीपी जरूरी हो जाएगी। अब फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाएगा।