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अब खेलने कूदने में आड़े नही आएगा दिल, मिला नया जीवन

आरबीएसके तहत निशुल्क हुआ हार्ट का ऑपरेशन

सीकर, जन्मजात विकृतियों व बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिए चिकित्सा विभाग का राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम वरदान साबित हो रहा है। गत माह में हृदय की गंभीर बीमारी से पीड़ित नौ बच्चों को नया जीवन मिला है। इन सभी बच्चों का कार्यक्रम के तहत निःशुल्क ऑपरेशन हुआ है। बच्चों के भविष्य को लेकर परेशान रहने वाले परिजनों के चेहरों पर अब भी मुस्कान है। जिले के सभी ब्लॉक मुख्यालयों पर आरबीएसके कार्यक्रम के तहत कार्यरत टीमों द्वारा इन बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई थी। इस दौरान ये दिल में छेद (हृदय की गंभीर बीमारी) से पीडित पाए गए। दिल में छेद होने के कारण बच्चे सामान्य बच्चों की तरह खेलकूद नहीं कर पाते थे। वहीं शारीरिक रूप से भी कमजोर थे। टीम द्वारा स्क्रीनिंग के बाद उनको परिजनों को बच्चे के ऑपरेशन के लिए कहा गया। इस पर परिजन एक बार तो चिंतित हो गए, परन्तु टीम द्वारा उनको आश्वस्त किया गया कि ऑपरेशन का पूरा खर्चा सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इस पर वे राजी हुए।

जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी तथा कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी डॉ निर्मल सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से मई माह में दिल में खेद की बीमारी से ग्रसित सात बच्चों का गुजरात के सत्यं साई अस्पताल तथा दो बच्चों को जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में निःशुल्क ऑपरेशन करवाया गया है। उन्होंने बताया कि कूदन ब्लॉक के गांव दूजोद के छह साल के आरव और नाड़ियां जोहड़ा भवानीपुरा के साढे पांच के मनजीत, श्रीमाधोपुर ब्लॉक के दिवराला गांव की साढे 11 साल की पायल और पिपराली क्षेत्र के सीकर के बाईपुरा मोहल्ला निवासी पांच माह की इकरा, लक्ष्मणगढ के रूल्याणी माली की 15 साल की रवीना, नीमकाथाना के वार्ड 18 की रहने वाली ढाई साल की प्रियान्सी, खण्डेला ब्लॉक के खटून्दारा गांव के साढे तीन साल के दुष्यन्त का गुजरात के सत्य सांई अस्पताल में निःशुल्क ऑपरेशन हुआ है। वहीं खण्डेला क्षेत्र के पुुजारी का बास की चन्द्रा देवी की तीन माह की मासूम बच्ची तथा पिपराली के नानी गांव की 9 माह की मानसी के हृदय का ऑपरेशन जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में हुआ। चंद देवी की बेटी का होंठ भी कटा हुआ है, जिसका ऑपरेशन भी होगा। ये सभी बच्चे अब स्वस्थ हैं और उनको अस्पताल से छुटटी मिल चुकी है।

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