देशभर में इन दिनों सोशल मीडिया पर “कॉकरोच जनता पार्टी” (CJP) नाम तेजी से वायरल हो रहा है। इंस्टाग्राम और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर यह आंदोलन खासकर GEN-Z युवाओं के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
बताया जा रहा है कि इस डिजिटल कैंपेन की शुरुआत 30 वर्षीय अभिजीत दीपके ने की, जो पहले आम आदमी पार्टी (AAP) की सोशल मीडिया टीम से जुड़े रहे हैं।
कैसे शुरू हुई “कॉकरोच जनता पार्टी”?
दरअसल, हाल ही में एक सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की “कॉकरोच” टिप्पणी सोशल मीडिया पर विवाद का विषय बन गई। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया और उनका इशारा फर्जी डिग्री रखने वाले लोगों की ओर था।
इसके बावजूद कई युवाओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस टिप्पणी को बेरोजगार और संघर्ष कर रहे युवाओं के अपमान के रूप में लिया।
इसके बाद अभिजीत दीपके ने व्यंग्यात्मक अंदाज में “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से एक डिजिटल अभियान शुरू किया, जिसने देखते ही देखते सोशल मीडिया पर भारी लोकप्रियता हासिल कर ली।
इंस्टाग्राम पर तेजी से बढ़े फॉलोअर्स
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CJP के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स कुछ ही दिनों में करोड़ों तक पहुंच गए। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इसके फॉलोअर्स भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से भी अधिक हो गए हैं।
हालांकि, सोशल मीडिया के आंकड़े लगातार बदलते रहते हैं।
असली राजनीतिक पार्टी या डिजिटल आंदोलन?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, “कॉकरोच जनता पार्टी” फिलहाल कोई पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं है। इसे एक डिजिटल सटायर (व्यंग्यात्मक) आंदोलन के रूप में देखा जा रहा है, जो बेरोजगारी, सिस्टम की कमियों और युवाओं की नाराजगी को इंटरनेट मीम कल्चर के जरिए सामने ला रहा है।
इसके पोस्ट और मेनिफेस्टो में युवाओं की समस्याओं, एग्जाम सिस्टम, नौकरी और राजनीतिक व्यवस्था पर तंज देखने को मिल रहा है।
2029 चुनाव को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स अब यह सवाल भी उठा रहे हैं कि क्या भविष्य में यह आंदोलन किसी वास्तविक राजनीतिक पार्टी का रूप ले सकता है। हालांकि अभी तक CJP की ओर से 2029 लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
फिर भी इंटरनेट पर इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं और युवा इसे “डिजिटल जनआंदोलन” की तरह देख रहे हैं।
GEN-Z राजनीति की नई तस्वीर?
विशेषज्ञ मानते हैं कि सोशल मीडिया आधारित यह ट्रेंड भारत में GEN-Z राजनीतिक अभिव्यक्ति का नया उदाहरण बन सकता है। बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका जैसे देशों में युवाओं के डिजिटल आंदोलनों के बाद अब भारत में भी सोशल मीडिया आधारित राजनीतिक बहसें तेजी से बढ़ रही हैं।






