Haryana News : हरियाणा के सिरसा जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। बता दे की परिवहन मंत्री का एक बार फिर बड़ा एक्शन देखने को मिल रहा है। सिरसा में बरनाला रोड स्थित जिला परिषद कार्यालय में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति (ग्रीवेंस मीटिंग) मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में चल रही है। उन्होंने बैठक में पहुंचे लोगों की शिकायतों को सुनना शुरू कर दिया है। कुल 15 शिकायतों पर सुनवाई की जानी है। जिसमें मंत्री समेत अधिकारी समस्याओं के निपटान का प्रयास करेंगे।
ग्रीवांस मीटिंग में अनिल विज की बड़ी कार्रवाई
जानकारी के लिए बता दे की आज सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने आज शुक्रवार को सिरसा जिले में ग्रीवांस मीटिंग में सुनवाई के दौरान डबवाली क्षेत्र के गांव कालुआना में पेड़ कटाई मामले में जन स्वास्थ्य विभाग एक्सईएन विजय कुमार और वन विभाग के आरएफओ सुंदर सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलाव कालुआना जलघर में पेड़ कटाई करने के आरोप में लेकर अजय पर झूठा एफिडिवेट देने व पूरा सच न बताने पर कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।Haryana News
मंत्री विज ने कहा कि चाहे दोनों कोर्ट में चले जाए। अब मैंने सस्पेंड की कह दिया, तो कह दिया। अब पुलिस जांच में पता लगाएगी कि पेड़ किसने काटे हैं और किसके कहने पर काटे गए हैं। मामले में जनस्वास्थ्य विभाग के जेई दीपक व गांव के सरपंच पर भी आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता ने उन दोनों पर भी कार्रवाई की मांग की है और इस रंजिश में हमले करवाने पर मंत्री विज ने सरपंच पर केस दर्ज करने के लिए डबवाली एसपी को आदेश दिए हैं। इस पर शिकायतकर्ता ने संतुष्ट होकर मंत्री का आभार जताया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भाजपा मंडल अध्यक्ष ने भी पहले मना कर दिया था कि पेड़ नहीं कटे और अब जांच में कटे पाए गए।Haryana News
पिछली मीटिंग में उठा था मुद्दा
जानकारी के लिए बता दे की यह शिकायत मीटिंग की पहली शिकायत थी। पिछली ग्रीवेंस मीटिंग में भी ये मुद्दा उठा था और मंत्री विज ने एडीसी के नेतृत्व में कमेटी बनाकर जांच के आदेश दिए थे। एडीसी ने भी अपनी जांच में माना कि जलघर में पेड़ों की अतिरिक्त कटाई हुई है। जिसमें 12 से 13 पेड़ छह से सात इंच की मोटाई और बाकी पेड़ छोटे हैं। इसी पर मंत्री विज ने जन स्वास्थ्य विभाग और वन विभाग को दोषी पाया गया।Haryana News
यह था पूरा मामला
जानकारी के लिए बता दे की जनस्वास्थ्य विभाग की जमीन है और जलघर में 51 पेड़ काटने का जिम्मा वन विभाग को दिया गया था। इन 51 के अलावा और 31 पेड़ काट के आरोप लगे और इसकी शिकायत विभाग को दी गई। मगर उसकी सही से जांच नहीं की गई। पिछली मीटिंग में जनस्वास्थ्य विभाग ने पेड़ काटने से बिलकुल मना कर दिया था। इसका खुलासा एडीसी की जांच में हुआ, तो भी विभागीय अधिकारियों ने गलती नहीं मानी। इसलिए मंत्री ने दोनों को सस्पेंड कर दिया।
मीटिंग में उच्च अधिकारी दे मौजूद
डीसी शांतनू शर्मा व सिरसा एसपी दीपक सहारण, डबवाली एसपी निकिता खट्टर, सीईओ सुभाष चंद्र, एडीसी विरेंद्र सहरावत व अन्य विभागों के अधिकारी आए हुए हैं।
