Delhi News: दिल्ली में रहने वालों के राशन कार्ड बनाने के लिए सरकार ने डिजिटल प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसको लेकर स्वयं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी दी है। उन्होंने वीरवार को सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि कुल 7 लाख 72 हजार राशन कार्ड बनाए जाएंगे। यह पूरी प्रक्रिया ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से शुरू हो गई है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में पुराने राशन कार्डों की ऑडिट में सामने आया है कि करीब 7 लाख से अधिक अपात्र लोगों के राशन कार्ड बने हुए थे। राशन कार्ड के निर्धारित मापदंडों से बाहर होने या अन्य कार्डों से जो राशन कार्ड कट गए थे, अब नए राशन कार्ड बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पहले सवा 2 लाख रुपये वार्षिक आय वालों को ही राशन कार्ड का लाभ मिलता था, लेकिन दिल्ली में ढाई लाख रुपये वार्षिक आय वाले परिवारों के भी राशन कार्ड बनाए जाएंगे।
13 साल से नहीं बने राशन कार्ड
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में लोगों को पिछले 13 साल से राशन कार्ड बनाने का मौका नहीं मिल रहा था। इसलिए उनकी सरकार बनने के बाद इस योजना का ऑडिट करवाया गया है। दिल्ली में अंत्योदय योजना के तहत करीब 35 हजार से लोग ऐसे मिले, जो राशन नहीं ले रहे थे। वहीं मरे हुए 29,589 लोगों के राशन कार्ड चल रहे थे। इसके अलावा दिल्ली में 23,394 राशन कार्ड ऐसे थे जिनको दो जगहों से राशन मिल रहा था। इतना ही नहीं 77,1384 अपात्र लोगों के राशन कार्ड भी बने हुए थे। ऐसे में करीब 7 लाख लोगों के राशन कार्ड कटे हैं।
दोबारा करना होगा आवेदन
जिन लोगों ने पहले से राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था और उनके राशन कार्ड नहीं बने थे, उनको अब फिर से आवेदन करना होगा। क्योंकि ऐसे 3,72,542 लोगों के आवेदन लंबित पड़े हैं। अब सरकार ने इसके लिए व्यवस्था कर दी है। दोबारा से आवेदन कर राशन कार्ड बनाए जा सकते हैं।





