Archive notice This article was published on 24 January 2026 and reflects conditions at the time of publication. Information, figures, and context may have changed since.

Rajasthan News : राजस्थान के माइंस विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष में 21 जनवरी तक 7451 करोड़ 63 लाख रुपए का राजस्व संग्रहण किया है जो माइंस विभाग की इस अवधि तक का अब तक का सर्वाधिक राजस्व संग्रहण है। प्रमुख सचिव माइंस टी. रविकान्त ने निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में राजस्व संग्रहण की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की और रणनीति तैयार कर अन्य कार्यों के साथ ही राजस्व वसूली पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

 इस समय तक माइंस विभाग 9 फीसदी विकास दर के साथ राजस्व वसूली में गत वर्ष के इसी समय तक के राजस्व संग्रहण में आगे चल रहा है। यहां गौरतलब है कि माइनिंग डिपार्टमें खुद सीएम भजनलाल के पास है।

प्रमुख सचिव माइंस श्री टी. रविकान्त ने राजस्व संग्रहण की रणनीति की चर्चा करते हुए अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई में विभागीय अधिकारियों द्वारा तैयार पंचनामों पर कार्रवाई करते हुए जुर्माना राशि वसूलने, आरसीसी – ईआरसीसी ठेकों पर रॉयल्टी वसूली की प्रभावी मोनेटरिंग के साथ ही समाप्त होने वाले रॉयल्टी वसूली ठेकों सहित शेष ठेकों की नीलामी, एसएमई स्तर पर राजस्व संग्रहण की नियमित समीक्षा, विश्लेषण व मार्गदर्शन, माइंस विभाग के वित अधिकारी स्तर पर नियमित समीक्षा व राजस्व वसूली में कमी वाले कार्यालयों से समन्वय व वसूली में तेजी लाने, पुरानी बकाया की वसूली और करन्ट बकाया की शतप्रतिशत वसूली के निर्देश दिए गए हैं। 

उन्होंने कहा कि भले ही अभी तक गतवर्ष की इसी अवधि की तुलना में अधिक राजस्व वसूली हो रही हो पर इस तक ही नहीं रुक कर राजस्व संग्रहण के सभी संभावित क्षेत्रों से वसूली के कारगर प्रयास किये जाने हैं।

निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा ने बताया कि गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 21 जनवरी तक 6824 करोड़ 54 लाख रुपए का राजस्व संग्रहित हुआ था जिसकी तुलना में इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में 627 करोड़ की अधिक वसूली के साथ 7451 करोड़ 63 लाख रुपए का राजस्व संग्रहित किया जा चुका है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राजस्व संग्रहण की गति को और अधिक बढ़ाया जाएगा।

बैठक में संयुक्त सचिव माइंस अरविन्द सारस्वत, वित अधिकारी सुरेश चन्द्र जैन, अतिरिक्त निदेशक मुख्यालय महेश माथुर, विशेषाधिकारी श्रीकृष्ण शर्मा, अधीक्षण भूवैज्ञानिक एरियल सर्वे सुनील कुमार वर्मा, अधीक्षण खनि अभियंताओं में अजमेर जय गुरुबख्सानी, जयपुर विजिलेंस प्रताप मीणा, उदयपुर एसपी शर्मा, भीलवाड़ा ओपी काबरा, जोधपुर देवेन्द्र गौड़ एवं राजसमन्द जिनेश हुमड़ सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।