Hindi News / Rajasthan News (राजस्थान समाचार) / आर्मी डे परेड में दिखा गांव की बेटियों का जलवा, पहली बार थार की लड़कियों को मिला था मौका

आर्मी डे परेड में दिखा गांव की बेटियों का जलवा, पहली बार थार की लड़कियों को मिला था मौका

Rajasthan News (राजस्थान समाचार) : आर्मी डे परेड में दिखा गांव की बेटियों का जलवा, पहली बार थार की लड़कियों को मिला था मौका

Rajasthan News : बता दे कि नए साल का पहला महीना देश के लिए बड़ा ही ख़ास रहता है।  ऐसे में आर्मी डे परेड में दो गांव कि बेटियों का जलवा दिखा जो कबीले तरिब है। पहली बार मौका मिलने पर अपना जलवा बिखेरने के बाद गांव पहुंची 2 बेटियों का उनके गांव में भी जबरदस्त स्वागत किया गया. ऐसा पहली बार था, जब थार की बेटियां आर्मी डे परेड का हिस्सा बनी. थार की इन बेटियों ने न केवल बाड़मेर, बल्कि पूरे राजस्थान और देश के लिए एक नई मिसाल कायम की है. बाड़मेर पीजी कॉलेज के एनसीसी अधिकारी कैप्टन डॉ. आदर्श किशोर जाणी बताते हैं कि जिले के लोग उनकी इस उपलब्धि पर बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं.

जयपुर की सड़कों पर 4 किलोमीटर लंबी आर्मी डे परेड
 

अधिक जानकारी के लिए बता दे कि सेना मुख्यालय से पहली बार 15 जनवरी को जयपुर की सड़कों पर 4 किलोमीटर लंबी आर्मी डे परेड आयोजित की गई थी. इसमें बाड़मेर की एनसीसी कैडेट्स सुमित्रा जोगासर और भावना डबोई ने भी हिस्सा लिया. उनका यह सफर थार कि मिटटी से निकलकर पहली बार इतने बड़े मुकाम पर पहुंच कर प्रदर्शन करना था। सेना दिवस-2026 की परेड में पहली बार एनसीसी गर्ल्स कैडेट्स को शामिल किया गया. दोनों एनसीसी कैडेट्स ने लगभग 40 दिनों की कड़ी ट्रेनिंग पूरी की. इसमें अनुशासन, शारीरिक फिटनेस और आत्मविश्वास का विशेष अभ्यास शामिल था. Rajasthan News

किसान परिवार कि बेटियों ने दिखाया जलवा 
 

मिली जानकारी के मुताबिक बता दे कि सुमित्रा और भावना किसान परिवारों से आती हैं. ये दोनों बेटियां सीमावर्ती और संसाधन के अभाव होने के बावजूद मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से राष्ट्रीय मंच तक पहुंची हैं. जो अपने आप में एक गर्व कि बात है। 

बता दे कि सुमित्रा और भावना ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि परेड के दौरान उनके किसान पिता उन्हें परेड करते देख रहे थे. यह देख पिता के चेहरे पर गर्व की भावना देखकर उनका हौसला और बढ़ गया. सुमित्रा ने कहा कि यह सिर्फ मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि पूरे गांव, जिले और थार की बेटियों के लिए गौरव की बात है. बता दे कि यह उपलब्धि आने वाले कई सालों तक युवाओं के लिए प्रेणना स्त्रोत बनेगी।