Archive notice This article was published on 31 January 2026 and reflects conditions at the time of publication. Information, figures, and context may have changed since.

 Rajasthan News : केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के प्रयासों से शनिवार को राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में सामाजिक अधिकारिता शिविर का आयोजन किया गया। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के मुख्य आतिथ्य व आईओसीएल के कार्यकारी निदेशक एवं राज्य प्रमुख मनोज गुप्ता के विशिष्ट आतिथ्य में आयोजित हुए इस शिविर में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सहयोग से एडिप एवं राष्ट्रीय वयोश्री योजना अंतर्गत कुल 1 करोड़ 53 लाख राशि के 6588 जीवन सहायक उपकरण निशुल्क वितरित कर जिले के कुल 1235 लोगों को लाभान्वित किया गया। 

शिविर का आयोजन भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) की ओर से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग व जिला प्रशासन के सहयोग से किया गया। खास बात ये भी कि जिले भर से लाभार्थियों को शिविर में लाने-ले जाने के लिए परिवहन विभाग द्वारा बसों की निशुल्क व्यवस्था की गई। कार्यक्रम में अतिथियों ने कुछ लोगों को मौके पर ही सहायक उपकरण उपलब्ध करवाकर लाभान्वित किया। बुजुर्ग लेखराज को जब सुनने की मशीन, चश्मा, बत्तीसी, कमर बेल्ट और घुटनों का पट्टा निशुल्क वितरित किया गया तो बोले, ”साहब, मैं तो नयो होग्यो एकदम”। इस पर केंद्रीय मंत्री समेत सभी अतिथियों के चेहरे पर मुस्कान आ गई।

शिविर को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री मेघवाल ने कहा कि किसी बुजुर्ग व्यक्ति को अगर सुनेगा नहीं तो वह समाज को अपने अनुभवों का लाभ कैसे दे पाएगा। उन्होंने कहा कि जब किसी सीनियर सिटीजन का कोई अंग कमजोर हो जाता है तो वे निराशा के भाव की ओर बढ़ जाते हैं। हो सकता है कि किसी बुजुर्ग को सुनाई कम देता हो तो वह खुद बाजार से सुनने की मशीन ना लेकर आए। ऐसे में प्रधानमंत्री ने इनकी पीड़ा समझते हुए वयोश्री व एडिप योजना अंतर्गत ऐसी व्यवस्था कर दी कि ऐसे बुजुर्गों को सरकार खुद सहायक उपकरण निशुल्क उपलब्ध करवाए। आज का यह शिविर प्रधानमंत्री जी की सोच का ही परिणाम है।

 मेघवाल ने कहा कि बुजुर्गों को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ( आईओसीएल) के सहयोग से एडिप व राष्ट्रीय वयोश्री योजना अंतर्गत जीवन सहायक उपकरणों का निशुल्क वितरण किया गया है। ताकि नई पीढ़ी बुजुर्गों के अनुभवों का लाभ ले सके। उन्होंने बुजुर्गों से भी कहा कि आपके पास ज्ञान है तो नई पीढ़ी को देना सीखो। ज्ञान देने में कंजूसी नहीं करनी चाहिए। नई पीढ़ी में ज्ञान जाना चाहिए। मेघवाल ने कहा कि इस शिविर में आईओसीएल ने सीएसआर फंड से 54 लाख रुपए की 90 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध करवाकर जनसेवा का कार्य किया है। 

आईओसीएल के कार्यकारी निदेशक एवं राज्य प्रमुख मनोज गुप्ता ने कहा कि एक दिव्यांग अगर आगे बढ़ता है तो उसका पूरा परिवार आगे बढ़ता है। आईओसीएल ने सीएसआर फंड से इससे पूर्व जोधपुर, जयपुर और झुंझुनूं में भी एलिम्को की ओर से लगाए गए शिविर में कुल 2.5 करोड़ राशि के सहायक उपकरण निशुल्क उपलब्ध करवाए हैं। 

इससे पूर्व एलिम्को के वरिष्ठ प्रबंधक हरीश कुमार लाल ने शिविर के बारे मेें विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि शिविर में राष्ट्रीय वयोश्री योजना अंतर्गत 1014 लोगों को 87.85 लाख की लागत से व्हीलचेयर, नजर के चश्मे, कृत्रिम दांत, श्रवण यंत्र इत्यादि निशुल्क उपलब्ध करवाए हैं। एडीप योजना अंतर्गत 131 लोगों को 11.36 लाख की लागत से ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, श्रवणयंत्र इत्यादि उपलब्ध करवाए हैं। वहीं आईओसीएल ने 90 लोगों को 54 लाख की लागत से 90 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई है। शिविर में कोलायत और छत्तरगढ़ ब्लॉक को छोड़कर जिले के अन्य 9 ब्लॉक के कुल 1235 लोगों को लाभान्वित किया गया।  

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता के संयुक्त निदेशक एलडी पंवार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के शुरुआत में सौर चेतना एवं ऊर्जा विज्ञान शोध संस्थान के दिव्यांग विद्यार्थियों ने ऑपरेशन सिंदूर पर भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति दी।कार्यक्रम में मंच संचालन कलेक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी संजय पुरोहित ने किया। 

इस अवसर पर आईओसीएल के चीफ जनरल मैनेजर मनोहर रॉय, सौर चेतना एवं ऊर्जा विज्ञान शोध संस्थान के श्रीलाल, भीष्म कौशिक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक अरविंद आचार्य, जिला समाज कल्याण अधिकारी  नंद किशोर राजपुरोहित, एलिम्को के कनिष्ठ प्रबंधक  ललित कुमार समेत अन्य अधिकारी व कर्मियों  समेत जिले भर से आए बुजुर्ग व दिव्यांग उपस्थित रहे।