जयपुर, हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने विद्यार्थियों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता और जनसंचार से जुड़े विद्यार्थियों को भारतीय परंपरा और ज्ञान-धरोहर से जुड़ना चाहिए।
पत्रकारिता में मूल्य और जिम्मेदारी जरूरी
राज्यपाल ने स्पष्ट कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन स्वतंत्रता का अर्थ स्वच्छंदता नहीं होना चाहिए।
उन्होंने गणेश शंकर विद्यार्थी, विजय सिंह पथिक, कर्पूर चंद्र कुलिश जैसे महान पत्रकारों को याद करते हुए मूल्य आधारित पत्रकारिता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा,
“समाचार के साथ विचार और संस्कृति का प्रसार भी पत्रकारिता का अहम हिस्सा होना चाहिए।”
271 विद्यार्थियों को मिली उपाधि
दीक्षांत समारोह में वर्ष 2024 और 2025 के 271 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई।
इनमें 269 स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थी तथा 2 शोधार्थी (पीएचडी) शामिल रहे।
साथ ही 12 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और 35 विद्यार्थियों को वरीयता प्रमाण पत्र दिए गए।
फेक न्यूज और डिजिटल मीडिया की चुनौती
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, बल्कि मिशन है।
उन्होंने 1975 के आपातकाल का जिक्र करते हुए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के महत्व को बताया और कहा कि आज के दौर में फेक न्यूज बड़ी चुनौती बन चुकी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा,
“सबसे पहले नहीं, बल्कि सबसे सही बनने की होड़ रखें।”
डिजिटल युग में बढ़ी जिम्मेदारी
उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि डिजिटल मीडिया ने पत्रकारिता को तेज और व्यापक बनाया है, लेकिन इससे जिम्मेदारी भी बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि हर वायरल खबर सही नहीं होती, इसलिए पत्रकारों को सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता और वस्तुनिष्ठता बनाए रखनी चाहिए।
विश्वविद्यालय की उपलब्धियां
कुलगुरु प्रो. नंद किशोर पाण्डेय ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि संस्थान गुणवत्तापूर्ण और व्यावहारिक शिक्षा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
