राजस्थान में साइबर अलर्ट, डेटा सुरक्षा को लेकर संस्थानों को दी गई सख्त चेतावनी
जयपुर, राजस्थान में डिजिटल डेटा सुरक्षा को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर यह चेतावनी जारी की गई है।
इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की रिपोर्ट के अनुसार अब साइबर ठग NAS (Network Attached Storage) डिवाइस को निशाना बना रहे हैं।
इन संस्थानों पर सबसे ज्यादा खतरा
एडवाइजरी में बताया गया है कि चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म, कंसल्टिंग एजेंसियां, अस्पताल, आईटी और मीडिया संस्थान तथा शैक्षणिक संस्थाएं सबसे ज्यादा खतरे में हैं।
इन संस्थानों के पास मौजूद संवेदनशील और वित्तीय डेटा साइबर अपराधियों के लिए आसान लक्ष्य बन रहा है।
कैसे करते हैं साइबर हमलावर हमला
डीआईजी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि अपराधी इंटरनेट पर ओपन या असुरक्षित NAS सिस्टम की पहचान करते हैं।
कमजोर पासवर्ड या पुराने सॉफ्टवेयर का फायदा उठाकर वे सिस्टम में घुसपैठ करते हैं।
इसके बाद डेटा को कॉपी या एन्क्रिप्ट (लॉक) कर दिया जाता है और फिर फिरौती (रैनसम) मांगी जाती है।
रैनसमवेयर का बढ़ता खतरा
ऐसे हमलों में संस्थान अपने ही डेटा तक पहुंच खो देते हैं।
मीडिया हाउस और अस्पतालों में इस तरह के रैनसमवेयर हमलों के कई मामले सामने आ चुके हैं।
कैसे बचाएं अपना डेटा (जरूरी उपाय)
- NAS सिस्टम की इंटरनेट पर सीधी पहुंच सीमित रखें
- मजबूत पासवर्ड और मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करें
- सॉफ्टवेयर को समय-समय पर अपडेट और पैच करें
- डेटा बैकअप नियमित रूप से लें और सुरक्षित स्थान पर रखें
- सिस्टम की लगातार मॉनिटरिंग करें
- संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत एक्शन लें
- प्रभावित सिस्टम को तुरंत नेटवर्क से अलग करें
शिकायत कहां करें
यदि आप इस तरह के साइबर अपराध का शिकार होते हैं, तो तुरंत:
साइबर हेल्पडेस्क: 9256001930 / 9257510100
नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर थाना में शिकायत करें
साइबर पोर्टल: https://cybercrime.gov.in
हेल्पलाइन: 1930
