पोर्टेबल मशीन जब्त, डॉक्टर सहित 3 गिरफ्तार
जयपुर में नवरात्रि के पहले दिन पीसीपीएनडीटी टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रूण लिंग परीक्षण गिरोह का पर्दाफाश किया।
इस कार्रवाई में एक डॉक्टर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
डिकॉय ऑपरेशन से खुला राज
यह कार्रवाई राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के मिशन निदेशक Dr. Amit Yadav और अतिरिक्त मिशन निदेशक Dr. T. Shubhamangala के निर्देशन में की गई।
मुखबिर सूचना के आधार पर टीम ने डिकॉय ऑपरेशन प्लान कर इस गिरोह तक पहुंच बनाई।
ऐसे किया जाता था अवैध काम
जांच में सामने आया कि आरोपी पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन के जरिए भ्रूण लिंग जांच कर रहे थे।
गर्भवती महिला से ₹80 हजार तक की रकम ली जाती थी।
आरोपी महिला को अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर गुप्त तरीके से जांच करते थे।
मौके से रंगे हाथों पकड़े गए
डिकॉय महिला की सूचना पर टीम ने मयूर रेजिडेंसी के फ्लैट में दबिश दी।
यहां से:
- अवैध सोनोग्राफी मशीन
- कार
जब्त की गई।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
पुलिस ने:
- हरी कुमावत (मुख्य आरोपी)
- शिला देवी
- डॉ. शेर सिंह राजावत
को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी जगबीर फरार है।
आदतन अपराधी निकला मुख्य आरोपी
परियोजना निदेशक डॉ. राकेश मीणा के अनुसार मुख्य आरोपी हरी कुमावत पहले भी इस तरह के मामलों में शामिल रहा है।
उसके खिलाफ दो एफआईआर पहले से दर्ज हैं।
बिना डिग्री कर रहा था जांच
जांच में सामने आया कि हरी कुमावत सिर्फ 10वीं पास है, फिर भी वह अवैध तरीके से सोनोग्राफी कर रहा था।
वहीं डॉक्टर की डिग्री की भी जांच जारी है।
सरकार की सख्त नीति
एनएचएम के अनुसार प्रदेश में भ्रूण लिंग जांच के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है।
अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि ऐसे मामलों की सूचना तुरंत दें ताकि कन्या भ्रूण हत्या को रोका जा सके।
