Jalore Sirohi highway: राजस्थान प्रदेश के जालौर जिले और सिरोही जिले के रहवासियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार सांसद लुंबाराम चौधरी की पहल पर भजनलाल सरकार ने जालौर-सिरोही मार्ग (Jalore Sirohi highway) को नेशनल हाईवे बनाने हेतु केंद्रीय परिवहन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद डीपीआर बनाने और धरातल पर रोड के निर्माण हेतु कार्य की प्रगति तेज हो जाएगी। बता दें कि राजस्थान प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी को सांसद लुंबाराम चौधरी ने जनवरी 2026 में जालौर-सिरोही मार्ग को नेशनल हाईवे घोषित करने हेतु प्रस्ताव दिया था।
जालौर-सिरोही मार्ग होगा दिल्ली-कांडला फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग से कनेक्ट
राजस्थान प्रदेश में जालौर सिरोही मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग में तब्दील करने हेतु प्रक्रिया तेज हो गई है। इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग में तब्दील किए जाने के बाद इस क्षेत्र के सैकड़ो गांव को इसका लाभ मिलेगा। राज्य सरकार द्वारा जालौर-सिरोही मार्ग (Jalore Sirohi highway) को नेशनल हाईवे घोषित करने के बाद दिल्ली कांडला राष्ट्रीय राजमार्ग 62 (Delhi Kandla National Highway) से जोड़ने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। 70 किलोमीटर की लंबाई वाला यह मार्ग दिल्ली कांडला राष्ट्रीय राजमार्ग 62 से जुड़ने के बाद जालौर और सिरोही जिले के लोगों का सफर तो आसान हो गई होगा साथ ही साथ व्यापारिक दृष्टि से भी इसे काफी अहम माना जा रहा है।
गुजरात और मध्य प्रदेश से राजस्थान की कनेक्टिविटी होगी बेहतर
जालौर-सिरोही मार्ग को दिल्ली कांडला राष्ट्रीय राजमार्ग 62 (Delhi Kandla National Highway) से जोड़ने के बाद राजस्थान प्रदेश की गुजरात और मध्य प्रदेश दो राज्यों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इसके अलावा इस मार्ग को नेशनल हाईवे बनाए जाने पर धार्मिक और पर्यटन के क्षेत्र में भी अहम बदलाव देखने को मिलेंगे। राजस्थान प्रदेश में स्मारक को धार्मिक और पर्यटन के क्षेत्र में काफी अहम माना जाता है। प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में इस रास्ते से गुजरात के अहमदाबाद और मध्य प्रदेश राज्य की कई जिलों से श्रद्धालु जालौर और सिरोही जिले की यात्रा करते हैं। यह मार्ग (Jalore Sirohi road) सिरोही जिले की एकमात्र ऐसी सड़क है, जो अब तक किसी नेशनल हाईवे से कनेक्ट नहीं हुई है।





