घर की छत पर चल रही MD ड्रग्स लैब का एजीटीएफ ने भंडाफोड़ किया
जयपुर, राजस्थान सरकार और पुलिस महानिदेशक के नशामुक्त राजस्थान संकल्प के तहत एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने जोधपुर में एक बड़े ड्रग्स ऑपरेशन का भंडाफोड़ किया।
घर की छत पर चल रही फैक्ट्री
जोधपुर के बनाड थाना क्षेत्र में आरोपी गणपतराम बेनीवाल (40) ने अपने घर को एमडी ड्रग्स बनाने की लैब में बदल दिया था। एजीटीएफ ने मौके से 3.055 किलोग्राम निर्मित एमडी और 55.725 किलोग्राम घातक रसायन जब्त किए। जप्त ड्रग की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 3 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
आरोपी का उद्देश्य और लिंक
जानकारी के अनुसार बेनीवाल अपने 12 लाख रुपये के कर्ज को चुकाने के लिए सांचौर के तस्कर आसुराम उर्फ लक्की और भाणु के साथ जुड़ा था। बरामद रसायनों से 60 किलो और एमडी ड्रग्स बनाने की योजना बनाई गई थी।
छत पर चल रहा था जहर
एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि पुलिस को लगातार सूचना मिल रही थी कि शहर में भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स सप्लाई हो रही है। एएसआई राकेश जाखड़ की गोपनीय सूचना पर एसपी ज्ञानचंद यादव और एएसपी नरोत्तम लाल वर्मा की निगरानी में टीम ने मकान की घेराबंदी की। छत पर बिजली के बल्ब की रोशनी में एमडी ड्रग्स सुखाई जा रही थी और चारों ओर रसायन व उपकरण बिखरे थे।
बरामदगी का पूरा ब्यौरा
पुलिस ने मौके से बरामद किया:
- 3.055 किग्रा एमडी ड्रग्स
- 55.725 किग्रा घातक रसायन (डाइक्लोरोमीथेन, मैक्स फाइन केम, डी-आइऑनाइज्ड वाटर आदि)
- इलेक्ट्रॉनिक चूल्हा, स्टील बर्तन, 9 बाल्टियां और ड्रग्स सुखाने के उपकरण
टीम की शानदार भूमिका
एएसआई राकेश जाखड़, कांस्टेबल सुमेर सिंह और तकनीकी सहयोगी एएसआई रमेश कुमार यादव ने मुख्य भूमिका निभाई। बनाड थानाधिकारी लेखराज और डीएसटी प्रभारी खेत सिंह की टीम ने प्रभावी कार्रवाई की।
अब पुलिस की नजर सरगना पर
पुलिस अब मुख्य सरगना आसुराम उर्फ लक्की और भाणु की तलाश में दबिश दे रही है। मामले की तफ्तीश अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अमृत लाल जिनगर को सौंपी गई है।
