कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की मौत और स्वास्थ्य बिगड़ने के मामले में राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई जारी रखी है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर मामले की गहन जांच कराई जा रही है और लगातार जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है।
दो डॉक्टर और दो नर्सिंग अधिकारी निलंबित
इलाज और पर्यवेक्षण में लापरवाही सामने आने पर राज्य सरकार ने:
- आचार्य डॉ. बद्रीलाल
- सह आचार्य डॉ. खुशबू मीणा
को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
इसके अलावा:
- नर्सिंग अधिकारी पिंकी खींची
- नर्सिंग अधिकारी मीनाक्षी मीणा
को भी निलंबित किया गया है।
अस्पताल अधीक्षकों को नोटिस
प्रकरण में प्रशासनिक लापरवाही को गंभीर मानते हुए:
- जेके लोन अस्पताल की अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा
- न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा
को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख शासन सचिव ने लिया जायजा
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कोटा पहुंचकर पूरे मामले की समीक्षा की।
उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं और इलाज प्रक्रिया का निरीक्षण कर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
दो दिन में जारी होगी नई एसओपी
प्रमुख शासन सचिव ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि:
- ब्लड ट्रांसफ्यूजन
- पेशेंट ट्रीटमेंट रिकॉर्ड
- अस्पताल प्रक्रियाएं
से जुड़ी नई एसओपी (Standard Operating Procedure) अगले दो दिनों में जारी की जाए।
उन्होंने कहा कि एसओपी लागू होने के बाद उसकी सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए।
आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर पर विशेष निगरानी
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि:
- आईसीयू
- ऑपरेशन थिएटर
- आपातकालीन इकाइयों
में उपचार प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना हो।
साथ ही संक्रमण नियंत्रण, स्टरलाइजेशन और पोस्ट ऑपरेटिव मॉनिटरिंग में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
रात में भी अस्पताल निरीक्षण के निर्देश
गायत्री राठौड़ ने सभी चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे रात के समय भी अस्पतालों का नियमित निरीक्षण करें और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लें।
उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।




