जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस मुख्यालय में उच्च स्तरीय बैठक की।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता अपराध पर जीरो टॉलरेंस नीति है।
एफआईआर और जांच में समयबद्धता जरूरी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि थानों में दर्ज एफआईआर का समयबद्ध अनुसंधान किया जाए।
लापरवाही होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
“समय पर कार्रवाई से ही पीड़ित को न्याय और राहत मिलती है,” CM ने कहा।
पुलिस तंत्र को मजबूत बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस तंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार हर संसाधन देने को तैयार है।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को नियमित रूप से:
- थानों का निरीक्षण
- एसपी ऑफिस की समीक्षा
- जिलों का दौरा
करने के निर्देश दिए।
साइबर क्राइम और संगठित अपराध पर फोकस
बैठक में साइबर क्राइम की उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग और पीड़ितों से संवाद बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
साथ ही:
- गैंगस्टर और संगठित अपराध के नेटवर्क खत्म करने
- मादक पदार्थ तस्करी पर सख्ती
के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा गया।
कम्युनिटी पुलिसिंग और जनसुनवाई
मुख्यमंत्री ने कम्युनिटी पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
- स्थानीय स्तर पर रोजाना जनसुनवाई
- सीएलजी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने
- जिलेवार अपराध रिपोर्ट तैयार करने
के निर्देश दिए गए।
अपराधों में कमी के आंकड़े
बैठक में बताया गया कि पिछले कुछ वर्षों में अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है:
- कुल अपराध: 18.77% कमी
- हत्या: 25.68% कमी
- डकैती: 47.26% कमी
- लूट: 50.75% कमी
- चोरी/नकबजनी: 33.75% कमी
- महिला अत्याचार: 9.94% कमी
- SC/ST अपराध: 28.29% कमी
जांच समय में भी सुधार
बलात्कार और POCSO मामलों में जांच का औसत समय:
- पहले: 107 और 103 दिन
- अब: 42 और 40 दिन
यह पुलिस की कार्यक्षमता में सुधार का संकेत है।
पेपरलीक और नकल माफिया पर कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि SIT बनाकर पेपरलीक और नकल माफिया पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
वर्तमान सरकार के कार्यकाल में किसी भी भर्ती परीक्षा में पेपरलीक की घटना सामने नहीं आई।
सरकार का लक्ष्य: आमजन में विश्वास, अपराधियों में डर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है:
- आमजन में विश्वास बढ़ाना
- अपराधियों में डर पैदा करना
उन्होंने पुलिसकर्मियों को आमजन के साथ संवेदनशील व्यवहार रखने की भी हिदायत दी।
