ऑनलाइन आवेदन से बढ़ी रफ्तार, प्रतिदिन औसतन 9 आवेदन प्राप्त
जयपुर, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग राजस्थान द्वारा योजनाओं की आवेदन एवं स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, ताकि अधिक से अधिक उद्यमियों को लाभ मिल सके।
अब महाप्रबंधक देंगे सीधी स्वीकृति
उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त सुरेश ओला ने बताया कि:
- एक जिला एक उत्पाद नीति-2024
- राजस्थान एमएसएमई नीति-2024
इन दोनों नीतियों के तहत अब जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्रों के महाप्रबंधक ही आवेदन की जांच और स्वीकृति देंगे।
पहले यह कार्य जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति द्वारा किया जाता था, जिसे अब विलोपित कर दिया गया है। इससे आवेदन निस्तारण में तेजी आएगी।
बजट घोषणा की अनुपालना
यह बदलाव राज्य बजट वर्ष 2026-27 की घोषणा के अनुरूप किया गया है। विभाग द्वारा संबंधित अधिसूचनाएं जारी कर दी गई हैं।
ऑनलाइन आवेदन से बढ़ी संख्या
1 फरवरी से अब तक प्राप्त आवेदन:
- ODOP नीति: 72 आवेदन
- MSME नीति: 77 आवेदन
- राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन नीति-2024: 96 आवेदन
कुल 245 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
औसतन प्रतिदिन 9 आवेदन आ रहे हैं, जबकि ऑफलाइन प्रक्रिया में यह संख्या 2 से भी कम थी।
योजनाओं के प्रमुख लाभ
ODOP नीति: 20 लाख तक मार्जिन मनी
- 20 लाख रुपये तक मार्जिन मनी अनुदान
- 5 लाख रुपये तक एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सहायता
- 3 लाख रुपये तक क्वालिटी सर्टिफिकेशन व IPR पुनर्भरण
- 2 लाख रुपये तक विपणन सहायता
- 1 लाख रुपये तक ई-कॉमर्स फीस पुनर्भरण (2 वर्ष)
MSME नीति: 15 लाख तक सहायता
- ऋण पर 2% अतिरिक्त ब्याज अनुदान
- SME एक्सचेंज से धन जुटाने पर 15 लाख रुपये तक सहायता
- 5 लाख रुपये तक तकनीकी अनुदान
- 50 हजार रुपये तक डिजिटल उपकरण सहायता
निर्यात नीति: 50 लाख तक तकनीकी अपग्रेडेशन
- दस्तावेजीकरण पर 5 लाख रुपये
- तकनीकी अपग्रेडेशन पर 50 लाख रुपये तक सहायता
- अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी पर 3 लाख रुपये अनुदान
- ई-कॉमर्स फीस पर 2 लाख रुपये पुनर्भरण
क्या होगा फायदा?
डिजिटलाइजेशन और प्रक्रिया सरलीकरण से:
आवेदन निस्तारण में तेजी
पारदर्शिता में वृद्धि
अधिक उद्यमियों की भागीदारी
राज्य में निवेश और रोजगार को बढ़ावा
