राजस्थान पुलिस ने गुरुवार को अपना 77वां स्थापना दिवस पूरे गौरव और उत्साह के साथ मनाया। जयपुर स्थित राजस्थान पुलिस अकादमी (RPA) में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में पहुंचकर पुलिस की मोटरसाइकिल बटालियन और घुड़सवार दस्ते के साथ भव्य उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी और परेड की सलामी ली। इस दौरान उन्होंने पुलिस बल के साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की।
पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत
स्थापना दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने राजस्थान पुलिस पेंशनर्स पोर्टल लॉन्च किया, जिसे RajCop Citizen App से जोड़ा गया है।
अब राज्य के हजारों पुलिस पेंशनर्स और उनके परिवारजन घर बैठे ही पेंशन से जुड़ी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इससे उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
3 नागरिकों को मिला सम्मान
इस मौके पर समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले तीन नागरिकों को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने सिरोही के प्रकाश प्रजापति, झालावाड़ के सुरजीत कश्यप और उदयपुर की सिंधु बिनुजीत को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
सिंधु बिनुजीत बनीं चर्चा का केंद्र
उदयपुर की सिंधु बिनुजीत का कार्य इस समारोह में खास आकर्षण रहा। उन्होंने 2010 से डूंगरपुर के आदिवासी क्षेत्रों में बाल श्रम और पलायन रोकने के लिए यूनिसेफ के साथ मिलकर ‘वत्सल वार्ता’ और ‘बाल मित्र थाने’ जैसे नवाचार किए।
उनके इस मॉडल को 2015 में पूरे राज्य में लागू करने के निर्देश भी दिए गए थे।
पूरे प्रदेश में आयोजन
स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में कार्यक्रम आयोजित किए गए। कोटा में परेड और पौधरोपण, कोटपूतली में झंडारोहण, बांसवाड़ा में पुलिसकर्मियों को सम्मान और डूंगरपुर में रक्तदान शिविर जैसे आयोजन हुए।
राजस्थान पुलिस का यह स्थापना दिवस सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि पुलिसकर्मियों के सम्मान और डिजिटल बदलाव की दिशा में बड़ा कदम साबित हुआ।



