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Rajasthan ACB Action: 50000 रुपये रिश्वत लेते ट्रैप हुआ बिजली विभाग का सुपरिटेंडेंट इंजीनियर, आज दोपहर को ACB की बड़ी कार्रवाई

Rajasthan ACB Action: 50000 रुपये रिश्वत लेते ट्रैप हुआ बिजली विभाग का सुपरिटेंडेंट इंजीनियर, आज दोपहर को ACB की बड़ी कार्रवाई

ACB Aciton : अफसर अक्सर रिश्वत के चक्कर में पद की गरिमा भूल जाते है। बता दे की आजकल ACB टीम एक्शन में दिख रही है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) लगातार घूसखोर कर्मचारियों पर एक्शन जारी है. वही राजस्थान से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। बता दे की एसीबी की टीम ने सोमवार (16 फरवरी) को अजमेर में बड़ी कार्रवाई की है. एसीबी ने अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (AVVNL) के अधीक्षण अभियंता (Superintending Engineer) बाबूलाल को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए ट्रैप कार्रवाई में गिरफ्तार किया. कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर अजमेर इकाई द्वारा की गई.

इस मामले के चलते हुई थी डील

जानकारी के लिए बता दे की शिकायतकर्ता ने एसीबी को दी शिकायत में बताया कि उसकी फर्म को पूर्व में जारी किए गए वर्क ऑर्डर के एवज में अभियंता द्वारा कुल 2 लाख 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी. शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत मांग की पुष्टि होने पर ACB टीम तुरंत एक्शन में आई और आगे की योजना बनाई. तय योजना के अनुसार 16 फरवरी 2026 को अभियुक्त बाबूलाल ने परिवादी से 50 हजार रुपये की पहली किस्त प्राप्त की, तभी एसीबी की टीम ने मोके पर रिश्वत के साथ अफसर को दबोच लिया। ACB Aciton

पुलिस अधीक्षक एसीबी अजमेर रेंज टीम की करवाई

जानकारी के लिए बता दे की मामले में एसीबी महानिदेशक के निर्देशन में विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है. एसीबी अधिकारियों के अनुसार परिवादी की फर्म को जारी वर्क ऑर्डर के बदले अभियुक्त द्वारा पहले 2.10 लाख रुपये की मांग कर परेशान किया जा रहा था, जो बाद में 2 लाख रुपये पर तय हुआ. 11 जनवरी 2026 को मांग का सत्यापन कराया गया था. इसके बाद पुलिस अधीक्षक एसीबी अजमेर रेंज के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में निरीक्षक स्तर की टीम गठित कर ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया गया. ACB Aciton

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज

बता दे की गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है तथा उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान जारी है. एसीबी अब मामले से जुड़े अन्य तथ्यों, संभावित संलिप्तता और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है.