भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने टोंक जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए डॉ. के.एन. मोदी विश्वविद्यालय, निवाई के दो प्रोफेसरों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
एसीबी ने डॉ. मीनू गंगल और रमेश चंद मीणा को 20 हजार रुपये रिश्वत राशि लेते हुए पकड़ा।
बीएड छात्र से मांगी गई थी रिश्वत
एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि ब्यूरो को शिकायत मिली थी कि विश्वविद्यालय में बीएड दो वर्षीय कोर्स (2024-26) कर रहे एक छात्र को परेशान किया जा रहा है।
आरोप है कि छात्र की अनुपस्थिति सही करने, मुख्य परीक्षा में बैठाने और प्रवेश पत्र जारी करने के बदले 23 हजार रुपये रिश्वत मांगी गई थी।
सत्यापन में सही पाई गई शिकायत
एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया, जिसमें आरोप सही पाए गए।
21 मई 2026 को आरोपियों द्वारा फिर से रिश्वत राशि मांगते हुए कहा गया कि पैसे देने पर ही छात्र को परीक्षा में बैठने और एडमिट कार्ड देने की अनुमति दी जाएगी।
“रिश्वत राशि देने के बाद ही परीक्षा में बैठाने और प्रवेश पत्र देने की बात कही गई थी।” — एसीबी
ट्रैप कार्रवाई में रंगे हाथ पकड़े गए आरोपी
एसीबी अजमेर रेंज के डीआईजी नारायण टोगस के सुपरवीजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा ने ट्रैप कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान आरोपी डॉ. मीनू गंगल ने अपने कार्यालय में सहयोगी रमेश चंद मीणा को परिवादी से रिश्वत राशि लेने के लिए कहा।
रमेश चंद मीणा ने 20 हजार रुपये लेकर गिनकर अपनी पैंट की जेब में रखे, जहां से एसीबी ने राशि बरामद कर ली।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के सुपरवीजन में आरोपियों से पूछताछ जारी है।
मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।





