अजीतगढ़/विमल इंदौरिया सीकर जिले के अजीतगढ़ स्थित मानसागर बालाजी धाम में रविवार से शुरू हुई संगीतमय रामकथा के शुभारंभ अवसर पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर शहर के प्रमुख मार्गों से शोभायात्रा निकाली।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। शहर के विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ शुभारंभ
बालाजी मंदिर परिसर में प्रधान यजमान जगदीश प्रसाद सैनी ने अपनी धर्मपत्नी के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की।
इसके बाद उन्होंने रामचरितमानस को सिर पर धारण कर नगर भ्रमण करवाया। धार्मिक वातावरण में निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
डीजे की धुन पर झूमे श्रद्धालु
कलश यात्रा मानसागर बालाजी धाम से रवाना होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई कथा पांडाल पहुंची।
यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्ति गीतों और डीजे की धुन पर झूमते नजर आए। पूरे मार्ग में जय श्रीराम के उद्घोष से माहौल भक्तिमय बना रहा।
परिवार को मर्यादित जीवन जीना सिखाती है रामकथा
रामकथा वाचक बृजभूषण महाराज ने कहा कि रामकथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला दिव्य मार्गदर्शन है।
उन्होंने कहा कि भगवान राम का जीवन त्याग, मर्यादा, कर्तव्य और आदर्शों का प्रतीक है। रामकथा परिवार और समाज को संस्कारों से जोड़ने का कार्य करती है तथा मर्यादित जीवन जीने की प्रेरणा देती है।
सैकड़ों श्रद्धालु रहे मौजूद
इस अवसर पर दिनेश गोविंद शर्मा, सुशील शर्मा दिवराला, विमल इंदौरिया, रामगोपाल बंसल, सीताराम मित्तल, प्रकाश नोताका, राकेश नरेडी, रामजीलाल लुनाका, अशोक कुमावत सहित सैकड़ों श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।





