ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
सीकर जिला मुख्यालय के निकट स्थित ग्राम बाजोर में सरकारी स्कूल के खेल मैदान को निरस्त किए जाने पर ग्रामीणों में भारी रोष है।
ग्रामीणों ने खेल मैदान को पुनः बहाल करने और संबंधित प्राचार्य को बर्खास्त करने की मांग उठाई है।
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर सीकर को ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की।
इससे पहले जिला शिक्षा अधिकारी को भी ज्ञापन देकर विभागीय जांच का आग्रह किया गया।
“बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़”
अशोक कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि प्राचार्य ने षड्यंत्रपूर्वक खेल मैदान निरस्त करवाने में भूमिका निभाई है।
उन्होंने इसे बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि यह कदम खेल प्रतिभाओं के विकास में बाधा बनेगा।
“सरकार खेलों को बढ़ावा दे रही, पर मैदान खत्म”
बाजोर फाउंडेशन के संस्थापक मोहन बाजोर ने कहा कि सरकार बच्चों के सर्वांगीण विकास की बात करती है, लेकिन नौकरशाही के फैसलों से खेल मैदान निरस्त होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से तुरंत मैदान बहाल करने की मांग की।
हाईवे विस्तार से भी जताई चिंता
मुकेश केशव ने आशंका जताई कि यदि भविष्य में राष्ट्रीय राजमार्ग की चौड़ाई बढ़ती है, तो 75 मीटर दायरे में आने वाले स्कूल, पंचायत भवन और अन्य सरकारी भवनों को नुकसान हो सकता है।
बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद
प्रदर्शन में सरपंच संगीता हंसराज लूणा, अशोक मीणा, प्रशांत लूणा सहित सैकड़ों ग्रामीण, महिलाएं और गणमान्यजन उपस्थित रहे।
