मंत्री झाबर सिंह खर्रा की सीकर में पत्रकार वार्ता
सीकर, खाटूश्यामजी में बाबा श्याम मेले के दौरान निजी पार्किंग संचालकों द्वारा अधिक शुल्क वसूली की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई के मूड में है। नगरीय विकास, आवास एवं स्वायत्त शासन राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने रविवार को सर्किट हाउस, सीकर में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। प्रशासन निजी पार्किंग की दरें निर्धारित करेगा और अधिक वसूली पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मंत्री खर्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 शेखावाटी क्षेत्र सहित राज्य के समग्र एवं सतत विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। बजट महिला, युवा, मजदूर, वंचित वर्ग, किसान और ग्रामीण क्षेत्रों के कल्याण के लिए समर्पित है।
शेखावाटी क्षेत्र में विकास के प्रावधान
- यमुना नदी परियोजना: क्षेत्र की लंबे समय से लंबित जल आपूर्ति समस्या को हल करने के लिए 32 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति।
- नए एयरपोर्ट सर्वेक्षण: सीकर-झुंझुनूं क्षेत्र में नए एयरपोर्ट की स्थापना के लिए सर्वेक्षण कराया जाएगा।
- खाटूश्यामजी हेरिटेज और मॉडल रोड: मंदिर परिसर में पर्यटन और यातायात सुगमता के लिए योजना।
- हवेलियों का संरक्षण: अगले दो वर्षों में 200 करोड़ रुपये।
- सीकर में नया यूआईटी भवन: 10 करोड़ रुपये की लागत।
- कल्याण सर्किल से नवलगढ़ रोड फ्लाईओवर: 25 करोड़ रुपये की लागत से एडजॉइन अप्रोच ओवरब्रिज।
मंत्री ने बताया कि पूंजीगत व्यय (इंफ्रास्ट्रक्चर विकास) के लिए बजट में 53,978 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना से अधिक है। प्रति व्यक्ति आय 2,02,000 रुपये से अधिक होने की संभावना है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 21.15 प्रतिशत अधिक है।
विकास और नागरिक जीवन पर प्रभाव
खर्रा ने कहा कि यह बजट नागरिक जीवन स्तर सुधार, औद्योगिक विकास, निवेश प्रोत्साहन, कृषि एवं पशुपालन, हरित विकास और पर्यावरण संरक्षण के मजबूत स्तंभों पर आधारित है। इसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करना है।
इस अवसर पर धोद विधायक गोरधन वर्मा, मुकेश दाधीच, पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी, भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज बाटड, जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
