सीकर जिला प्रशासन ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण के फील्ड कार्य को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। जिला कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी आशीष मोदी ने बताया कि राज्य में जनगणना का पहला चरण 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक संचालित किया जा रहा है।
इस कार्य के लिए विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं गैर-शिक्षक कार्मिकों की नियुक्ति प्रगणक एवं पर्यवेक्षक के रूप में की गई है।
गैर-शिक्षक कार्मिकों को मिलेगी राहत
जिला कलेक्टर ने बताया कि शिक्षक कार्मिकों को ग्रीष्मकालीन अवकाश का लाभ मिलता है, जबकि गैर-शिक्षक कर्मचारियों को नियमित कार्यालय कार्य के साथ जनगणना का कार्य भी करना पड़ता है।
ऐसे में जनगणना कार्य के प्रभावी संचालन के लिए गैर-शिक्षक कार्मिकों को आवश्यकतानुसार अर्द्धदिवसीय कार्यालयीय छूट देना जरूरी है।
जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत यह राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। अधिनियम की धारा 11(1) के अनुसार जनगणना कार्य के लिए कार्मिकों को उपलब्ध करवाना अनिवार्य है।
यदि कोई विभाग या अधिकारी इसमें बाधा उत्पन्न करता है तो यह विधिक रूप से दंडनीय अपराध की श्रेणी में माना जाएगा।
जिला स्तरीय अधिकारियों को दिए निर्देश
जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनगणना 2027 के फील्ड कार्य में लगे गैर-शिक्षक कार्मिकों को आवश्यकतानुसार कार्यालयीय कार्य से अर्द्धदिवसीय छूट दी जाए।
उन्होंने कहा कि इससे जनगणना कार्य भी सुचारु रूप से पूरा होगा और विभागीय कार्य भी प्रभावित नहीं होंगे।
जनगणना कार्य में प्रशासनिक तैयारियां तेज
सीकर जिले में जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।





