विशेष न्यायालय के फैसले के बाद जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
सीकर, जिले में भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषसिद्ध पटवारी के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा ने बताया कि दोषी पाए गए पटवारी देवेन्द्र माखीजाणी को राजकीय सेवा से पदच्युत कर दिया गया है।
3 वर्ष कारावास की सजा
मामला भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में दर्ज प्रकरण से संबंधित है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के प्रकरण में 13 नवम्बर 2025 को न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया।
विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण प्रकरण, जयपुर महानगर द्वितीय ने:
- धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण (संशोधित) अधिनियम के तहत
- 3 वर्ष का साधारण कारावास
- ₹4600 का अर्थदंड
की सजा सुनाई।
अर्थदंड नहीं चुकाने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पूर्व में जयपुर, वर्तमान में सीकर में पदस्थ
देवेन्द्र माखीजाणी पूर्व में पटवार मंडल पवालिया, तहसील सांगानेर (जयपुर) में कार्यरत थे।
वर्तमान में वे सीकर जिले की धोद तहसील में रिसोर्स पर्सन पटवारी के रूप में कार्यरत थे।
नियम 19(1) के तहत कार्रवाई
राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 के नियम 19(1) तथा राज्य सरकार के परिपत्र के अनुसार, दोषसिद्ध कर्मचारी को सेवा में बनाए रखना अवांछनीय माना गया।
इसी के तहत 20 फरवरी 2026 को उन्हें राजकीय सेवा से पदच्युत (Dismiss from Service) कर दिया गया।
भ्रष्टाचार पर सख्ती का संदेश
प्रशासन की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषसिद्ध कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
