सीकर शहर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग व्यक्ति [CA] को 24 दिन तक मानसिक दबाव में रखकर 1 करोड़ 3 लाख 81 हजार रुपए ठग लिए।
मामले में पीड़ित की शिकायत पर साइबर पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
कॉल से शुरू हुआ पूरा खेल
पुलिस के अनुसार, 1 अप्रैल को अज्ञात नंबर से कॉल आया। शुरुआत में कॉल काट दी गई, लेकिन बाद में वॉट्सएप कॉल के जरिए ठगों ने संपर्क कर धमकाना शुरू किया।
इसके बाद 4 अप्रैल से 27 अप्रैल तक पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट जैसा माहौल बनाकर लगातार निगरानी में रखा गया।
ED-CBI बनकर डराया
साइबर ठगों ने खुद को कभी ED, CBI और पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया।
उन्हें बताया गया कि उनके मोबाइल नंबर से अश्लील और गैरकानूनी मैसेज भेजे जा रहे हैं और बैंक खातों से अवैध लेनदेन हुआ है।
वीडियो कॉल पर दिखाई नकली FIR
ठगों ने अपने झांसे को मजबूत करने के लिए वीडियो कॉल का सहारा लिया।
वीडियो कॉल के दौरान पीड़ित को नकली FIR और कोर्ट कार्यवाही दिखाई गई, जिसमें आरोपी के रूप में उन्हीं का नाम दर्शाया गया।
एक अधिकारी के अनुसार,
“ठगों ने पूरी तरह से फर्जी दस्तावेज और प्रक्रिया दिखाकर पीड़ित को विश्वास में लिया और मानसिक दबाव बनाया।”
केस खत्म कराने के नाम पर ठगी
इसके बाद आरोपियों ने कहा कि मामला खत्म कराने के लिए पैसे देने होंगे।
मुकदमा वापस लेने के नाम पर धीरे-धीरे पीड़ित से 1.03 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए।
नंबरों के आधार पर जांच जारी
साइबर थाना पुलिस अब उन मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है, जिनसे वीडियो कॉल और वॉइस कॉल किए गए थे।
DSP जीवनलाल खत्री ने बताया,
मामला दर्ज कर लिया गया है। तकनीकी आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
कैसे बचें डिजिटल अरेस्ट ठगी से?
- कोई भी एजेंसी वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती
- FIR या कोर्ट नोटिस हमेशा आधिकारिक माध्यम से आते हैं
- डराने-धमकाने वाले कॉल पर तुरंत पुलिस को सूचना दें
- किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर न करें



