ड्रोन सर्वे से मिलेगा संपत्ति का अधिकार, ग्रामीणों को होगा सीधा फायदा
सीकर जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल स्वामित्व योजना ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत बन रही है।
इस योजना का उद्देश्य गांवों की आबादी का सटीक सर्वे और मानचित्रण कर लोगों को उनकी संपत्ति का वैध मालिकाना हक देना है।
इसकी शुरुआत 24 अप्रैल 2021 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर की गई थी।
ड्रोन तकनीक से हो रहा सर्वे
योजना के तहत गांवों में ड्रोन तकनीक का उपयोग कर भूमि का डिजिटल सर्वे किया जा रहा है।
- हर भूखंड का सटीक नक्शा तैयार
- संपत्ति मालिकों को प्रॉपर्टी कार्ड जारी
- गांव स्तर पर रिकॉर्ड तैयार
इससे ग्रामीणों को पहली बार अपनी संपत्ति का कानूनी दस्तावेज मिल रहा है।
ग्रामीणों को मिलेंगे ये बड़े लाभ
स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को कई महत्वपूर्ण फायदे मिलेंगे:
- संपत्ति के आधार पर बैंक से ऋण लेने की सुविधा
- जमीन विवादों में कमी
- सटीक भूमि रिकॉर्ड और योजना निर्माण
- संपत्ति को वित्तीय परिसंपत्ति के रूप में उपयोग
पंचायतों को भी होगा फायदा
इस योजना से ग्राम पंचायतों को भी मजबूती मिलेगी।
- संपत्ति कर निर्धारण में आसानी
- जीआईएस आधारित ग्राम विकास योजना (GPDP) तैयार
- बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग
कैसे उठाएं योजना का लाभ?
ग्रामीण आबादी क्षेत्र में रहने वाले लोग अपने मकान या भूखंड के स्वामित्व अधिकार के लिए संबंधित पंचायती राज विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
यह योजना पंचायती राज मंत्रालय, राज्य राजस्व विभाग, राज्य पंचायती राज विभाग और भारतीय सर्वेक्षण विभाग के सहयोग से लागू की जा रही है।
