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नौसेना पीटीआई परिवार द्वारा मृत सैनिक के परिजनो को तीन लाख पन्द्रह हजार की आर्थिक सहायता

दांतारामगढ़, [लिखा सिंह सैनी ] जो भरा नहीं भावों से, जिसमें बहती रसधार नही, वो ह्रदय नही पत्थर है , जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं। कवि की उक्त पंक्तियां तन मन धन से राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित होने को प्रेरित करती है। इसी भावना से नौसेना पीटीआई परिवार दिवंगत सैनिक आश्रितों की आर्थिक मदद करके कर रहा है। विजय शर्मा ने बताया कि दांतारामगढ़ कस्बे के इंडियन नेवी में कार्यरत पीटीआई मोहनलाल कुमावत की हाल ही में इलाज के दौरान दिल्ली के सैनिक अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। नौसेना पीटीआई परिवार के प्रतिनिधि तंवर सिंह शेखावत ने मोहन लाल के परिवार को तीन लाख पन्द्रह हजार रुपए की आर्थिक सहायता भेट की। इससे पूर्व मोहनलाल की फोटो एवं पीटीआई की आन बान शान का प्रतीक व्हिसल (सीटी) भी समर्पित की। इस मौके पर डॉ पुरुषोत्तम इंदौरिया, डॉ निर्मल दाधीच, विष्णु शर्मा, माधव प्रसाद शर्मा, गिरधारी लाल शर्मा, अविनाश शर्मा, बनवारी लाल शर्मा, दीनदयाल शर्मा, मनीष सहजाका एडवोकेट कमल स्वामी सहित अनेक ग्रामीण रहे उपस्थित।नौसेना पीटीआई परिवार की ओर से भेजे गए भावुक शोक संदेश से सभी की आंखें नम हो गई। भावुक व गमगीन मोहन के पिता बोल की हमें बेटे पर गर्व है और हाथ जोड़कर नौसेना पीटीआई परिवार का आभार व्यक्त किया।

नौसेना पीटीआई परिवार सैन्य परिवारों की मदद के लिए – तंवर सिंह
नौसेना से सेवानिवृत पीटीआई तंवर सिंह ने बताया कि दिवंगत सैनिकों की पेंशन संबंधित समस्याओं एवं परिजनों की आर्थिक मदद के लिए भारतीय नौसेना से रिटायर्ड एवं कार्यरत पीटीआई मिलकर एक मुहिम चला रहे हैं। सिंह ने बताया कि असली हीरो तो यह नौजवान होते हैं जो प्रतिकूल परिस्थितियों में मातृभूमि के लिये हंसते-हंसते अपनी जान दे देते हैं। सरकार के साथ प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य बनता की सैन्य परिवारो की सुरक्षा, पालन – पोषण की जिम्मेदारी में सक्रिय भूमिका निभाएं। इसी कड़ी में नौसेना पीटीआई परिवार दिवंगत सैनिकों के परिजनों को सहयोग राशि एकत्रित करके समर्पित करता है। मोहन के गुरु अविनाश व विजय सर, उसके मित्रों एवं अध्यनरत विद्यालय में मोहन की फोटो को देखकर में भाव विभोर हो गया। कस्बे वासियों का सैनिक परिवार के प्रति इतना प्रेम देख कर बहुत अच्छा लगा।

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