गिव अप अभियान के तहत 1226 अपात्र लोगों को जारी किए गए नोटिस
सीकर, राजस्थान सरकार द्वारा चलाए जा रहे खाद्य सुरक्षा योजना के गिव अप अभियान का सीकर जिले में बड़ा असर देखने को मिला है।
अब तक जिले में 2,20,293 लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ दिया है। वहीं अभियान के तहत 1226 अपात्र लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनसे वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
वंचित वर्गों को लाभ दिलाने का उद्देश्य
राज्य सरकार मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के मार्गदर्शन में वंचित वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रही है।
सरकार का उद्देश्य है कि अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद लोगों को योजनाओं से जोड़कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
किन परिवारों को योजना से बाहर किया जा रहा
सरकार ने खाद्य सुरक्षा योजना के लिए कुछ निश्चित पात्रता मानदंड तय किए हैं।
इनमें शामिल परिवारों को योजना से बाहर किया जा रहा है:
- परिवार में कोई आयकरदाता हो
- कोई सदस्य सरकारी या अर्द्धसरकारी नौकरी में हो
- परिवार की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक हो
- परिवार के किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन हो (ट्रैक्टर जैसे जीविकोपार्जन के वाहन को छोड़कर)
ऐसे परिवारों को निष्कासन सूची में शामिल किया जा रहा है।
पूरे राजस्थान में भी बड़ा असर
जिला रसद अधिकारी विजेंद्र पाल ने बताया कि 1 नवंबर 2024 से शुरू हुए गिव अप अभियान के तहत पूरे राजस्थान में अब तक 48 लाख 87 हजार लोगों ने स्वेच्छा से योजना का लाभ छोड़ा है।
इनमें से सीकर जिले में 2.20 लाख से अधिक लोग शामिल हैं।
उचित मूल्य दुकानों पर होगा औचक निरीक्षण
गिव अप अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए अब खाद्य विभाग के प्रवर्तन अधिकारी और निरीक्षक उचित मूल्य दुकानों पर औचक निरीक्षण करेंगे।
वे रोजाना दुकानों पर जाकर—
- अपात्र लाभार्थियों की सूची तैयार करेंगे
- नोटिस जारी करेंगे
- वसूली की कार्रवाई भी करेंगे
वाहन मालिकों का डाटा भी खंगालेगा विभाग
खाद्य विभाग जल्द ही परिवहन विभाग से चार पहिया वाहन मालिकों का डाटा भी जुटाएगा।
इस डाटा के आधार पर खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल अपात्र लोगों को नोटिस जारी कर उनसे वसूली की जाएगी।
