गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से बढ़ा आक्रोश, मंच ने दी आंदोलन की चेतावनी
सीकर , राजस्थान के सीकर में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
एक तरफ जहां देशभर में लोग अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट से राहत की उम्मीद कर रहे थे, वहीं तेल कंपनियों द्वारा गैस सिलेंडर महंगा करने से आम लोगों की चिंता बढ़ गई है।
इस फैसले के विरोध में अब सियासी और सामाजिक संगठनों ने भी आवाज उठानी शुरू कर दी है।
जनता के साथ खिलवाड़ बताया फैसला
राजस्थान जन जागरण मंच के संयोजक चौधरी मामराज सिंह ने गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ाने के फैसले की कड़ी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि
“जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें कम थीं, तब भी पिछले दस सालों में आम जनता को कोई राहत नहीं दी गई।”
उनका कहना है कि जैसे ही बाजार में थोड़ा उछाल आया, कंपनियों ने तुरंत उपभोक्ताओं पर भारी बोझ डाल दिया, जो जनता के साथ अन्याय है।
महिलाओं ने जताया गहरा रोष
मंच की बैठक में चम्पा बाजोर ने महिलाओं की समस्याओं को उठाया।
उन्होंने कहा कि पहले से ही महंगाई और बढ़ते घरेलू खर्च के कारण महिलाएं परेशान हैं। ऐसे में गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से घर का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।
उन्होंने कहा,
अगर गैस सिलेंडर के दाम ऐसे ही बढ़ते रहे तो गरीब और मध्यम वर्ग की महिलाओं को फिर से चूल्हे और लकड़ी का सहारा लेना पड़ सकता है।
कीमतें वापस लेने की मांग
बैठक को संबोधित करते हुए मोहन बाजोर, टोडरमल और हरलाल सिंह सुंडा ने कहा कि तेल कंपनियों ने पिछले एक दशक में रिकॉर्ड मुनाफा कमाया है।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में कंपनियों को आम जनता पर बोझ डालने के बजाय राहत देने का प्रयास करना चाहिए।
राजस्थान जन जागरण मंच ने सरकार से मांग की है कि गैस सिलेंडर के बढ़े हुए दाम तुरंत प्रभाव से वापस लिए जाएं।
मंच ने चेतावनी दी है कि अगर यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
