सीकर में गिव अप अभियान तेज, 1186 अपात्रों को नोटिस
सीकर जिले में राज्य सरकार के गिव अप अभियान का व्यापक असर देखने को मिला है।
अब तक 2,19,254 व्यक्तियों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ दिया है।
यह अभियान मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है।
राज्यभर में 48 लाख से अधिक लोगों ने छोड़ा लाभ
1 नवम्बर 2024 से शुरू हुए अभियान में पूरे राजस्थान में 48 लाख 87 हजार लोगों ने स्वेच्छा से योजना का लाभ छोड़ा है।
जिला रसद अधिकारी विजेंद्र पाल ने बताया कि पात्रता मानकों की समीक्षा लगातार की जा रही है।
कौन हैं निष्कासन सूची में शामिल?
खाद्य सुरक्षा योजना से बाहर किए जाने के लिए निम्न मापदंड तय किए गए हैं:
- परिवार में कोई आयकरदाता हो
- सरकारी/अर्द्धसरकारी/स्वायत्तशासी संस्था में कर्मचारी हो
- वार्षिक पारिवारिक आय ₹1 लाख से अधिक हो
- परिवार के पास चार पहिया वाहन हो (ट्रैक्टर व जीविकोपार्जन वाहन को छोड़कर)
1186 अपात्रों को नोटिस, होगी वसूली
गिव अप अभियान के तहत सीकर जिले में 1186 अपात्र लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।
इनसे वसूली की कार्यवाही की जाएगी।
अब खाद्य विभाग के प्रवर्तन अधिकारी और निरीक्षक प्रतिदिन उचित मूल्य दुकानों का औचक निरीक्षण करेंगे।
- अपात्र व्यक्तियों की सूची तैयार होगी
- नोटिस जारी किए जाएंगे
- वसूली की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी
परिवहन विभाग से जुटेगा वाहन स्वामियों का डेटा
खाद्य विभाग जल्द ही परिवहन विभाग से चार पहिया वाहन मालिकों का डेटा एकत्र करेगा।
इसके आधार पर अपात्र लाभार्थियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार,
सरकारी योजनाओं का लाभ सिर्फ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह अभियान?
यह पहल उन जरूरतमंद परिवारों तक राशन सुविधा पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम है, जो अब तक योजना से वंचित थे।
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जिले में लगातार निगरानी की जा रही है।
