5492 से अधिक जल संरचनाएं तैयार, भूजल स्तर बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
सीकर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में चल रहा मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0 जिले में जल संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव ला रहा है।
इस अभियान का उद्देश्य वर्षाजल की हर बूंद को संजोकर भूजल स्तर बढ़ाना है।
5492 से ज्यादा जल संरचनाएं तैयार
जिला प्रशासन की निगरानी में सीकर में कुल 5763 जल संरचनाएं स्वीकृत की गई थीं, जिनमें से 5492 कार्य पूरे हो चुके हैं।
इनमें शामिल हैं:
- टांके, फार्म पॉण्ड, एनीकट
- बावड़ी रिनोवेशन, जोहड़
- परकोलेशन टैंक, रिचार्ज स्ट्रक्चर
- तालाब मरम्मत और अन्य संरचनाएं
पंचायत स्तर पर तेजी से काम
विभिन्न पंचायत समितियों में भी बड़े स्तर पर काम हुआ है:
- अजीतगढ़: 348
- दांतारामगढ़: 802
- धोद: 945
- खंडेला: 881
- नेछवा: 807
- श्रीमाधोपुर: 792
अन्य क्षेत्रों में भी कार्य तेजी से जारी हैं।
जनभागीदारी से बढ़ा अभियान का असर
पंचायतों में जन सहभागिता से 100-100 वाटर रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाने का कार्य भी शुरू हो गया है।
इनसे वर्षा जल का संचय और पुनर्भरण (Recharge) होगा, जिससे भविष्य में पानी की उपलब्धता बेहतर होगी।
खेती और पेयजल को मिलेगा लाभ
यह अभियान खासकर डार्क जोन में आने वाले सीकर जिले के लिए राहत लेकर आया है।
ग्रामीणों के अनुसार, “अब बारिश का पानी व्यर्थ नहीं बहता, बल्कि जमीन में जाकर भूजल स्तर बढ़ाता है।”
इससे:
- कृषि कार्य आसान होंगे
- पेयजल संकट कम होगा
- पशु-पक्षियों को पानी मिलेगा
लोगों ने की सराहना
जिलेवासियों ने इस अभियान को सार्थक और प्रभावी पहल बताया है।
लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह प्रयास जारी रहे, तो आने वाले वर्षों में जल संकट काफी हद तक खत्म हो सकता है।
