अजीतगढ़,विमल इंदौरिया। समीपवर्ती मूंडरू के जालपाली धाम में साकेतवासी संत रामलखन दास महाराज की धूणी धाम पर आयोजित 108 कुंडात्मक श्रीराम महायज्ञ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।
महायज्ञ के आठवें दिन भी दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर आहुतियां प्रदान कीं।
संतों ने प्रधान कुंड पर दी आहुतियां
महायज्ञ में सुदामाकुटी वृंदावन के अमरदास महाराज, त्रिवेणी धाम के संत रामरिछपाल दास महाराज और रविनाथकुंज के भावनाथ महाराज भी पहुंचे।
सभी संतों ने प्रधान कुंड पर बैठकर महायज्ञ में विशेष आहुतियां दीं।
यज्ञ संयोजक सुदर्शन दास महाराज ने संतों का पुष्पमाला और शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया।
11 लाख आहुतियां एक दिन में दी गईं
महायज्ञ में रोजाना 108 कुंडों पर 260 यजमान आहुतियां दे रहे हैं।
आठवें दिन श्रद्धालुओं द्वारा 11 लाख आहुतियां प्रदान की गईं। अब तक कुल 42 लाख आहुतियां दी जा चुकी हैं।
संत महात्माओं ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा
“पुरुषोत्तम मास जैसे पवित्र महीने में महायज्ञ विश्व कल्याण के लिए अत्यंत फलदायी होता है।”
उन्होंने कहा कि दान और यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है तथा समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
वैदिक मंत्रोच्चार से भक्तिमय हुआ क्षेत्र
महायज्ञ स्थल पर लगातार वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना हुआ है।
श्रद्धालुओं ने बताया कि महायज्ञ में शामिल होकर उन्हें आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हो रहा है।
एसडीएम ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा
श्रीमाधोपुर एसडीएम अनिल कुमार और सहायक कलेक्टर मुनेश कुमारी ने महायज्ञ स्थल पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
उन्होंने—
- पार्किंग व्यवस्था
- यज्ञशाला
- भोजन पांडाल
- आवागमन व्यवस्था
का जायजा लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
यज्ञ संयोजक सुदर्शन दास महाराज ने प्रशासन को बताया कि शाम के समय श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है।
इस पर एसडीएम ने अतिरिक्त पुलिस जाब्ता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
आज होगी पूर्णाहुति और विशाल भंडारा
श्रीराम महायज्ञ का समापन शुक्रवार को होगा।
यज्ञ संयोजक सुदर्शन दास महाराज ने बताया कि सुबह 11 बजे पूर्णाहुति कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें कई संत महात्मा शामिल होंगे।
इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार करीब 50 गांवों के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु पंगत प्रसादी ग्रहण करेंगे।





