मंगला आरती से बढ़ी रौनक, जात-जड़ूला के लिए पहुंचे भक्त
सीकर जिले के दांता रामगढ़ क्षेत्र के रलावता गांव स्थित जीणमाता मंदिर में चल रहे प्रसिद्ध जीणमाता लक्खी मेले के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
मंगला आरती से बढ़ी मेले की रौनक
सुबह मंगला आरती के साथ ही मेले का माहौल भक्तिमय हो गया। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने मां जीण भवानी के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं मांगी।
आरती के बाद फलों का भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया गया। दिनभर मंदिर परिसर में लंबी कतारों में श्रद्धालु शांतिपूर्वक दर्शन करते नजर आए।
भव्य सजावट और आकर्षक श्रृंगार
मंदिर को कोलकाता और दिल्ली से मंगवाए गए विशेष फूलों से सजाया गया है।
मंदिर व्यवस्थापकों के अनुसार, मां जीण भवानी का शाही पोशाकों में श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मेले में सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
- 800 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
- गार्ड और स्वयंसेवक व्यवस्था संभाल रहे
- श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष ध्यान
आसपास के मंदिरों में भी दर्शन
श्रद्धालुओं ने जीणमाता के साथ-साथ
- भंवरावाली माता मंदिर
- हर्षनाथ मंदिर
- काजल शिखर मंदिर
में भी दर्शन किए।
श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं
ग्राम पंचायत की ओर से
- पार्किंग
- सफाई व्यवस्था
- रोशनी
- पेयजल
जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
जात-जड़ूला की परंपरा निभाई
मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु
- जात देने
- बच्चों का जड़ूला (मुंडन संस्कार)
- सवामणी का भोग
लगाने के लिए पहुंचे।
मान्यता है कि विवाह के बाद पहली संतान होने पर दंपति बच्चे को लेकर मां जीणमाता के दरबार में शीश नवाते हैं और परंपरा अनुसार मुंडन संस्कार करवाते हैं।
