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Sikar News : असम के जोरहाट दल ने खाटू श्याम को अर्पित किए निशान

Jorhat Assam devotees offering Nishan at Khatu Shyam

फागुन मेले में असम से आए सैकड़ों भक्तों ने दिखाई आस्था
सीकर फागुन माह में खाटू श्याम मंदिर में देशभर से भक्तों की आस्था उमड़ रही है।

इस बीच असम के जोरहाट से आए श्याम भक्तों के दल ने बाबा को निशान अर्पित कर श्रद्धा व्यक्त की।


रींगस से शुरू हुई निशान यात्रा

जोरहाट श्याम परिवार के बैनर तले हर साल सैकड़ों भक्त खाटू धाम पहुंचते हैं।

इस बार भी बड़ा जत्था रींगस से निशान लेकर खाटू के लिए रवाना हुआ।

रींगस स्थित प्राचीन श्याम मंदिर और रींगस भैरू के दर्शन के बाद परशरामपुरिया धर्मशाला में ज्योत व पूजन कर यात्रा शुरू की गई।

रींगस से खाटू की सीधी दूरी करीब 17 किमी है, लेकिन लक्खी मेले के दौरान बनाए गए जिगजैग मार्गों के कारण श्रद्धालुओं को लगभग 35 किमी की पदयात्रा करनी पड़ती है।


“यह साल का सबसे अनमोल समय”

दल के संचालक जीतू सोनी ने बताया कि एक दिन की कठिन यात्रा पूरी कर सभी ने बाबा को निशान अर्पित किए और फागुन एकादशी पर विशेष दर्शन का लाभ लेंगे।

“पिछले दो दशक से यह यात्रा हमारे लिए साल का सबसे अनमोल समय है,” उन्होंने कहा।

श्याम सुंदर अग्रवाल ने कहा कि जैसे-जैसे खाटू यात्रा का समय नजदीक आता है, बाकी सभी चीजों से मोहभंग हो जाता है।


रंग-बिरंगे परिधान, एक जैसी आस्था

जोरहाट से आए दल रंग-बिरंगे कुर्तों और एक जैसे परिधान में नजर आए।

दल में शामिल मुकेश सिंघी ने कहा,

“फागुन मेले का माहौल जिसने एक बार देख लिया, वह जीवन भर नहीं भूलता।”

संदीप मोदी ने बताया कि इस यात्रा के दौरान भक्तों को सालासर धाम, शाकंभरी माता, जीण माता, देलसर श्याम धाम और झुंझुनूं राणी सती दादी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का भी अवसर मिलता है।


महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी

यात्रा में महिलाओं की बड़ी संख्या देखने को मिली।

दूसरी बार फागुन में खाटू धाम पहुंची रंजीता बेड़िया ने कहा,

“निशान अर्पित करने को लेकर सभी महिलाएं उत्साहित हैं। भक्ति की शक्ति से थकान का एहसास नहीं होता।”

कामाख्या चांडक ने इसे ऐसा समय बताया जब भक्त अपने इष्ट को साक्षात नमन कर सकते हैं।


शेखावाटी में बढ़ती धार्मिक आस्था

फागुन मेले के दौरान सीकर जिले में देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। असम से लेकर कोलकाता तक से प्रतिनिधित्व इस बात का प्रमाण है कि खाटू श्याम की महिमा सीमाओं से परे है।

निशान यात्रा में अनुशासन, एकजुटता और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।