अजीतगढ़/विमल इंदौरिया अजीतगढ़ के समीप मूंडरू कस्बे स्थित जालपाली धाम में गुरुवार को नवदिवसीय 108 कुंडात्मक श्रीराम महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। आयोजन संत हरिचरण दास महाराज के सानिध्य में श्रीसीतारामजी मंदिर परिसर में किया जा रहा है।
बिहारीजी मंदिर से निकली भव्य कलश यात्रा
कार्यक्रम संयोजक सुदर्शन दास महाराज ने बताया कि महायज्ञ के प्रथम दिवस सुबह कलश यात्रा निकाली गई।
सुबह 6 बजे मंदिर परिसर में यज्ञाचार्य नंदन मिश्र द्वारा वैदिक विधिविधान से यजमानों का दशविधि स्नान कराया गया। इसके बाद सुबह 8 बजे मूंडरू के बिहारीजी मंदिर से शाही लवाजमे के साथ कलश यात्रा रवाना हुई।
ऊंट, हाथी और रथ बने आकर्षण का केंद्र
कलश यात्रा में
- ऊंट
- हाथी
- घोड़े
- बग्घी
- रथ
विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
यात्रा गांव के मुख्य बाजारों से होती हुई सुबह 11 बजे जालपाली धाम पहुंची। जगह-जगह ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।
2100 महिलाओं ने धारण किए मंगल कलश
यात्रा में 2100 महिलाएं सिर पर मंगल कलश लेकर शामिल हुईं। महिलाएं राम नाम संकीर्तन और भजन-कीर्तन करते हुए डीजे की धुनों पर यज्ञ स्थल तक पहुंचीं।
देशभर के संत-महात्मा रहे मौजूद
कलश यात्रा में देशभर के कई संत-महात्मा और पीठाधीश्वर शामिल हुए। इनमें
- त्रिवेणी धाम के संत रामरिछपाल दास
- वृंदावन सुदामा कुटी के संत सुतीक्ष्ण दास महाराज
- वैष्णव दास महाराज अयोध्या
- हरिदेवाचार्य महाराज
- संत बलदेव दास महाराज
- कालिदास महाराज
- गोपाल दास महाराज
सहित कई संत मौजूद रहे।
प्रतिदिन दो पारियों में होगा यज्ञ
पंडित राकेश शर्मा ने बताया कि यज्ञ प्रतिदिन दो पारियों में सम्पन्न होगा
- सुबह 8 बजे से 12 बजे तक
- दोपहर 3 बजे से 6 बजे तक
आयोजन के सफल संचालन के लिए 25 समितियों का गठन किया गया है।
यज्ञ स्थल पर ही रहेगा यजमानों का ठहराव
आचार्य नंदन मिश्र के अनुसार, 21 से 29 मई तक चलने वाले इस महायज्ञ में शामिल यजमान जोड़ों और ब्राह्मणों को नौ दिनों तक यज्ञ स्थल पर ही रुकना होगा।
इसके लिए पुरुषों, महिलाओं और ब्राह्मणों के लिए अलग-अलग विश्राम स्थल बनाए गए हैं। सुरक्षा और व्यवस्थाओं के भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।





